राजस्थान में साइबर ठगी के आरोपियों से पैसे वसूलने एवं कैश के साथ पकड़े जाने पर सस्पेंड किए गए तीनों पुलिसकर्मियों के मामले में विभागीय जांच शुरू हो गई है। डीएसपी आदर्श दीप सिंह ने साइबर थाना प्रभारी से रिपोर्ट मांगी है, उसी अनुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मामले में राजस्थान एसीबी की टीम भी जांच कर रही है। उक्त तीनों ही पुलिसकर्मी सिरसा साइबर पुलिस थाना में तैनात थे, लेकिन अब उनको पुलिस लाइन में भेज दिया गया है। इन तीनों में से एसआई करीब 6 माह से और बाकी दोनों पुलिसकर्मी सालभर से साइबर थाने में पोस्टेड थे। वहीं, डीजीपी ओपी सिंह ने भी ट्वीट कर सख्त प्रतिक्रिया दी है कि अगर कोई रंगेहाथ पकड़ा गया तो सीधा कार्रवाई होगी। उसके लिए जांच में समय गंवाने की जरूरत नहीं है। 6 लाख कैश के साथ पकड़े थे राजस्थान में एसीबी की टीम ने तीनों पुलिसकर्मियों को गाड़ी में 6 लाख कैश के साथ पकड़ा था। ये संदिग्ध चेकिंग थी और आरोपी इनके साथ थे, इसलिए गिरफ्तार नहीं किया। इसकी सूचना हरियाणा पुलिस विभाग को अवगत करवा दिया। जिस पर तीनों पुलिसकर्मी PSI सुरेंद्र, हेड कॉन्स्टेबल वीरेंद्र व कॉन्स्टेबल जगजीत सिंह सस्पेंड कर दिए गए। तीनों को छोड़ने के मांगे 20 लाख राजस्थान नागोर एसीबी से डीआईजी महावीर सिंह के अनुसार, तीनों पुलिसकर्मी ने शनिवार शाम को जिला राजसमंद से तीन युवकों को पकड़ लिया। उन तीनों को छोड़ने की एवज में 20 लाख डिमांड की। एक युवक के खाते में थे तो उसने राजसमंद स्थित एटीएम से पैसे निकलवाए और 6 लाख पुलिसकर्मियों को थमा दिए। ये कैश लेने के बाद उसे छोड़ दिया और दो को अपने साथ गाड़ी में लेकर सिरसा के लिए चल दिए। उस युवक ने राजस्थानी एसीबी को सूचित कर दिया और एसीबी ने छापेमारी शुरू कर दी। तब तक पुलिसकर्मी गाड़ी लेकर वहां से कच्चा रास्ता होकर भीलवाड़ा होते हुए सीकर चल दिए। राजस्थान एसीबी की टीम कुचामन के पास उनको पकड़ लिया और गाड़ी से 6 लाख कैश कब्जे में ले लिया। एटीएम की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। फोन बंद किए, लोकेशन बदली एसीबी डीआईजी महावीर के अनुसार, तीनों पुलिसकर्मियों ने युवक से पैसे लेने के बाद अपने फोन बंद कर लिए और लोकेशन बदल ली। एसीबी को पुलिसकर्मियों ने पूछताछ में बताया, ये पैसे निजी खर्चे के लिए हैं। एसीबी बोली, खर्च के लिए इतना कैश लेकर कौन आता है। अगर उनसे रिकवरी करनी थी, तो ऑनलाइन करते या फड़द बनवाते और गवाह बनाते, कैश क्यों ला रहे थे। इनको उठाकर ले जा रहे थे, तो इसका मतलब रिकवरी नहीं की। इस मामले की करने गए थे जांच साइबर थाना पुलिस के अनुसार, सिरसा की एक महिला से टेलीग्राम एप से जोड़कर टास्क पूरा कर मोटा मुनाफा कमाने के नाम पर 9 लाख 18 हजार 100 रुपए की साइबर ठगी हुई थी। 8 दिसंबर 2025 को अज्ञात मोबाइल नंबर से उसके पास कॉल आई और कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि आप हमारे टेलिग्राम एप्प से जुड़कर घर बैठे-बैठे लाखों करोड़ों रुपए कमा सकते हो। इसके लिए आपको कंपनी के बताए हुए टास्क को पूरा करना होगा। जैसे ही टास्क पूरा होगा, आपके खाते में पैसे आ जाएंगे। कुछ समय बाद उसके मोबाइल नंबर पर एक टेलिग्राम लिंक आया, उसने लिंक को क्लिक किया, तो उसमें टास्क पूरा कर मोटा मुनाफा कमाने का विज्ञापन चल रहा था। लालच में आकर 918100 रुपए का इंवेस्टमेंट कर दिए और बाद में पैसा निकालने के लिए वेबसाइट पर आए लिंक को क्लिक किया, तो टेलिग्राम एप बंद हो गई। दोनों आरोपियों को रिमांड पर लिया पुलिस के अनुसार, ठगी में संलिप्त दो आरोपी राजस्थान के उदयपुर जिले के मालवी तहसील से खैमपुर के सागर व राजसमंद जिले से सरदारगढ़ रोड पेट्रोल पंप के पीछे गांव आमेट के विनोद को जिला उदयपुर राजस्थान क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। सिरसा पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। पुलिस ने युवकों ने 5 हजार रुपए, 16 मोबाइल, दो लैपटॉप व 16 डेबिट कार्ड बरामद किए है।
सिरसा में डीएसपी ने प्रभारी से मांगी रिपोर्ट:तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड केस; महिला से 9.18 लाख की हुई थी ठगी
