सिरसा में नशे की लत ने एक 32 वर्षीय युवक का जीवन तबाह कर दिया है। सात साल तक लगातार नशा करने के कारण उसने एक-एक करके अपना घर-बार बेच दिया, जिससे अब उसके पास न तो सिर ढकने के लिए छत है और न ही परिवार के लिए भोजन। उसकी पत्नी और दो बच्चे (एक लड़का और एक लड़की) दर-दर भटकने को मजबूर हैं। यह कहानी है रानियां क्षेत्र में रहने वाले युवक की। आज सोमवार को दैनिक भास्कर एप की टीम युवक के घर पहुंचा। उसके हाथ-पांव शरीर पर कई जख्म देख हर कोई हैरान रह जाए। नौबत ये आ गई है कि पीड़ित चल-फिरने में भी असक्षम है। पीड़ित ने दर्द बयां करते हुए भास्कर एप से बताया, नशे के दलदल में वह इस कदर धंस गया कि उसने सात साल तक प्रतिदिन नशा किया। इस लत के कारण उसके शरीर पर गहरे जख्म होने लगे। सात साल बाद उसे यह एहसास हुआ कि वह मौत के मुंह में पहुंच चुका है। नशे की वजह से घर का सारा सामान बिक गया। अब उसके परिवार के पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है और पेट भरने के लिए घर में आटा भी नहीं है। उसकी बेबस पत्नी और बच्चे जीवनयापन के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला रिश्तेदारों ने ताने मारे कि जहर खाकर मर जा, अब नशा छोड़ा युवक ने भास्कर एप से बताया, मौत के करीब पहुंचने का एहसास होने के बाद एक बड़ा फैसला लिया। उसने नशे की लत छोड़ने का संकल्प लिया और परिवार ने हौसला बढ़ाया। यह उम्मीद करते हुए कि शायद इससे उसकी जिंदगी बच जाएगी। मेरे परिवार में पत्नी, एक बेटी एक बेटा ओर माता-पिता है। 24 साल की उम्र में नशा लेने लगा था। जब मैं रिश्तेदारी में ब्याह-शादी में जाया करता तो वहां पर यार दोस्त जबरदस्ती शराब पिला दिया करते थे। कई बार दोस्त गांजे वगैरह का सूटा लगवा दिया करते थे। गांजे का सूटा लगाने के बाद मन में ये आने लगा कि कोई और नया नशा ट्राई करके देखा जाए। हर दिन नए दोस्तों को मिलता। उनके पास बैठकर नए-नए नशे करता। कैप्सूल भी लेने लगा। लॉकडाउन के दिनों में काफी समय पहले चिट्टा लेना शुरू किया। चिट्टा महंगा होने के कारण गोलियां खानी शुरू कर दी। बीस रुपए की गोली आ जाती। गोलियों की डोज लगातार बढ़ती गई। जोकि असर करना बंद कर दी। फिर गोलियों का घोल बनाकर उसके इंजेक्शन लगाने शुरू कर दिए। शरीर पर जख्म हो चुके हैं और शरीर गलना शुरू हो गया। ये देख रिश्तेदारों ने ताना मारना शुरू कर दिया। ये तक कह दिया कि जहर खाकर मर जा। नशा छोड़ा और इलाज शुरू करवाया। पत्नी बोली-शादी के 3 साल बाद नशे का पता चला पीड़ित की पत्नी ने भास्कर एप से बताया कि उसे नहीं पता था कि मेरा पति नशा करता है। शादी के 3 साल बाद पता चला कि नशा करते हैं। हम लोगों ने उनको बहुत समझाया, परंतु ये नहीं माने। फिर भी ये लगातार नशा करते रहे और हमारी जिंदगी इसी तरह बर्बाद होती गई। सुबह शाम घर से बाहर जाया करते और नशा करके घर आ जाते और खाना खाकर चुपचाप सो जाते। कभी कभार तो खाना भी नहीं खाते थे। नशा पीड़ित की मां बोली-नशा तस्करों को पुलिस सलाखों के पीछे भेजे पीड़ित की मां बोली, बेटे व अन्य लड़कों को नशा मुक्ति केंद्र में इलाज के लिए छोड़ आते, पर वहां से भाग जाते। शाम को वापस आ जाते। बेटे का शरीर कीड़े पड़ने से गलने लगा था, अब ठीक है। पीड़ित की मां ने रोते हुए प्रशासन से अपील की है कि जो नशा तस्कर नशा बेचते हैं। उन लोगों को पकड़कर जेल की सलाखों के पीछे डाला जाए। घरों के चिराग को बचाया जाए। हम नहीं चाहते कि जिस तरह से हमारे घर के हालात हुए हैं, आज दूसरे लोगों के घर के हालात भी ऐसे हो जाएं।
सिरसा में नशे ने बर्बाद की युवक की जिंदगी:शरीर में कीड़े पड़े और घर बिका; पत्नी बच्चे माता-पिता सड़क पर आए
