रोहतक में सत्यवान की मिसिंग मिस्ट्री:धमेंद्र की हत्या से जोड़कर देख रही पुलिस; पत्नी ने दर्ज कराया था छेड़छाड़ का केस

Spread the love

रोहतक जिले के गांव खरावड़ के पास 20 फरवरी को गांव खेड़ी साध के सत्यवान की गाड़ी लावारिश हालत में खड़ी मिली, जिसके पास खून पड़ा हुआ था। साथ ही गोलियों के खोल पड़े थे, जबकि वहां कोई व्यक्ति नहीं मिला और ना ही किसी का शव मिला। बाद में सत्यवान के परिजनों ने मिसिंग की रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गांव खेड़ी साध के सत्यवान का गांव के ही रहने वाले धर्मेंद्र के साथ विवाद चल रहा था। पुरानी रंजिश के कारण ही सत्यवान ने घर से पिस्तौल निकालकर धर्मेंद्र की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। मामले में सत्यवान को सजा हुई थी। सत्यवान ढाई साल पहले जमानत पर बाहर आया था, तब से जमानत पर ही है, जो 20 फरवरी से लापता है। धर्मेंद्र टैक्सी चलाने का करता था काम 2018 में दर्ज FIR के अनुसार गांव खेड़ी साध के धर्मेंद्र टैक्सी चलाने का काम करता था। 31 दिसंबर 2017 की शाम नए साल की खुशी मनाने के लिए घूमने गए थे। जब देर रात तक धर्मेंद्र नहीं आया, तो उसका भाई रोहित ढूंढने के लिए निकला। धर्मेंद्र अपने दो साथियों दिनेश पुत्र महासिंह निवासी हमायुंपुर व प्रदीप पुत्र प्रताप सिंह निवासी झाड़ौदा कलां दिल्ली हाल गांव खेड़ी साध के साथ बस अड्डे पर एक कार में बैठे हुए थे। रोहित भी उनके साथ गाड़ी में बैठ गया और घर की तरफ चल पड़े। सत्यवान ने घर से पिस्तौल लाकर किया फायर FIR के अनुसार जब धर्मेंद्र अपने भाई व दोस्तों के साथ सुबह करीब 3-4 बजे सत्यवान पुत्र दीवान के घर के सामने पहुंचा, तो सत्यवान बाहर खड़ा था। धर्मेंद्र ने जब सत्यवान से कहा कि मेरे खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवा रखा है। इसके बाद सत्यवान घर के अंदर गया, तो पिस्तौल लेकर आया, जिससे धर्मेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। सत्यवान की पत्नी ने धर्मेंद्र पर दर्ज करवाया था छेड़छाड़ का केस सत्यवान की पत्नी ने धर्मेंद्र के खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज करवाया था, जिसको लेकर दोनों के बीच का विवाद बढ़ता जा रहा था, जबकि धर्मेंद्र का कहना था कि सत्यवान की पत्नी ने झूठा मुकदमा दर्ज करवा रखा है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच की रंजिश बढ़ गई और उसी रंजिश में धर्मेंद्र की हत्या की गई। धर्मेंद्र की हत्या से जोड़कर मामले को देख रही पुलिस आईएमटी थाना पुलिस सत्यवान के गायब होने के पीछे 2018 में हुई धर्मेंद्र की हत्या को जोड़कर देख रही है। मामले में पुलिस धर्मेंद्र के परिजनों से भी पूछताछ कर रही है। वहीं, मौके से मिले सबूतों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ कोई बड़ा सुराग नहीं लग पाया है।