पानीपत में घर में घुसकर दो-भाइयों पर गंडासी से हमला:एक ICU में भर्ती, दूसरे का तोड़ा हाथ; आरोपी के साथ रह रही पत्नी

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पानीपत शहर के सनौली रोड स्थित एक गली में बीती रात पुरानी रंजिश और अवैध संबंधों के चलते आधा दर्जन युवकों ने एक घर पर धावा बोल दिया। हमलावरों ने घर में घुसकर दो सगे भाइयों पर गंडासी और डंडों से जानलेवा हमला किया। हमले में बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल है और आईसीयू (ICU) में जीवन और मौत की जंग लड़ रहा है, जबकि छोटे भाई का हाथ टूट गया है। पुलिस ने शिकायत मिलने पर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। वॉट्सएप कॉल पर दी धमकी पीड़ित पिता सुरेंद्र कुमार ने थाना चांदनी बाग पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 29 मार्च की रात करीब 8-9 बजे उनके बड़े बेटे गौरव के पास विकास नगर के संजू का वॉट्सएप कॉल आया। संजू ने धमकी दी कि तू मेरे और आरती (गौरव की पत्नी) के बीच में दोबारा आने लगा है, आज तेरा काम तमाम कर दूंगा, तू कल का सूरज नहीं देख पाएगा। घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे हमलावर धमकी के करीब आधे घंटे बाद संजू अपने चाचा के साथ बाइक पर गली में आया और रेकी की। रात करीब 10:20 बजे संजू, रिंकू, राजू, संजू का चाचा और 2-3 अन्य लड़के बाइकों पर सवार होकर आए। सभी के हाथों में गंडासी, फर्श और डंडे थे। डर के मारे गौरव घर के अंदर भागा, लेकिन हमलावरों ने लात मारकर मुख्य दरवाजा तोड़ दिया और घर में घुसकर गौरव को जबरन खींचकर गली में ले आए। गंडासी से सिर पर वार जब पिता सुरेंद्र और छोटा बेटा राहुल बीच-बचाव करने आए, तो हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया। एक युवक ने गंडासी से गौरव के सिर और शरीर पर कई वार किए। मारपीट में राहुल का हाथ टूट गया और पिता को भी चोटें आईं। शोर सुनकर जब पड़ोसी और रिश्तेदार इकट्ठा हुए, तो हमलावर अपनी बाइक मौके पर ही छोड़कर भाग निकले। जाते समय आरोपियों ने धमकी दी कि गौरव अस्पताल तक नहीं पहुंच पाएगा और पुलिस कार्रवाई की, तो सबको मार देंगे। पत्नी के अवैध संबंधों से जुड़ा मामला सुरेंद्र कुमार ने पुलिस को बताया कि गौरव की पत्नी आरती पिछले 2-3 साल से अपने दो बच्चों को छोड़कर आरोपी संजू के साथ अवैध संबंध में रह रही है। गौरव ही अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रहा है। संजू और आरती अक्सर गौरव को जान से मारने की धमकियां देते थे। CCTV में कैद हुई वारदात परिजनों के अनुसार, पूरी वारदात घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। हैरानी की बात यह है कि अगले दिन 30 मार्च को तीन लड़के स्कूटी पर आए और गली में छूटी हुई हमलावरों की बाइक को ई-रिक्शा में लादकर ले गए, जिसकी रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंप दी गई है।