पंचकूला खैर प्रकरण में वन दारोगा लेता था मंथली:तस्करों को खुली छूट देता; जांच में हुआ खुलासा, 8 आरोपी गिरफ्तार

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हरियाणा के पंचकूला में चल रहे खैर प्रकरण में शिकायतकर्ता वन दारोगा रघुविंद्र को लेकर नया खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि दारोगा ने खैर तस्करी करने वालों को मंथली के बदले खुली छूट दे रखी थी। रिश्वत का केस सामने आने पर अब इसमें करप्शन की धारा पीसी-7 एक्ट को भी जोड़ दिया गया है। पंचकूला के चंडीमंदिर थाना में 2 वन खंड अधिकारी रघुविन्द्र सिंह द्वारा थाना चण्डीमंदिर में शिकायत दर्ज करवाई गई कि आसरेवाली सुरक्षित वन क्षेत्र में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई कर चोरी की गई है। वन विभाग द्वारा 25 फरवरी को की गई जांच में लगभग 400 से 500 पेड़ों की अवैध कटाई सामने आई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 मार्च केस दर्ज कर मामलें की जांच शुरु की। तस्करी के 8 आरोपी गिरफ्तार इंस्पेक्टर दलीप सिंह की अगुवाई में टीम ने सूचना के आधार पर 12 मार्च को मुख्य आरोपी इमरान उर्फ मान्ना को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही हबीब खान, शकिल, सराफत, यासिन, समीम को भी उसी दिन गिरफ्तार कर लिया। 13 मार्च को आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड लिया गया। इसी दौरान गिरोह के अन्य सदस्य नानक और तकी खान सहित अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। हिमाचल का दिलबहादुर बना खरीददार जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी दिलबहादुर वासी जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश चोरी की गई खैर की लकड़ी को खरीदकर आगे बेचता था, जबकि अली मोहम्मद उर्फ रोशन इस अवैध नेटवर्क में ट्रांसपोर्टर की भूमिका निभा रहा था। आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे संगठित तरीके से जंगल में खैर के पेड़ों की कटाई कर उन्हें अवैध रूप से बाजार में बेचते थे। जांच में खुद फंसा शिकायतकर्ता दरोगा जांच में शिकायतकर्ता खुद वन दारोगा रघुविन्द्र सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी इमरान इस एवज में वन अधिकारी को हर महीने घूस देता था। इसके बाद पुलिस ने 15 मार्च को उसे गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की। 16 मार्च को आरोपी इमरान, दिलबहादुर और रघुविन्द्र सिंह को कोर्ट में पेश कर तीन दिन का पुलिस रिमांड लिया गया, जबकि अन्य आरोपियों को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब तक ये बरामदगी हुई पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लगभग 10 क्विंटल 50 किलोग्राम खैर की लकड़ी, अवैध कमाई की नकदी, पेड़ काटने के औजार तथा दो पिकअप वाहन बरामद किए हैं। अब तक गिरफ्तार 11 आरोपियों में 8 कटाई करने वाले, एक खरीददार, एक ट्रांसपोर्टर और एक वन अधिकारी शामिल है। पुलिस द्वारा मामले से जुड़े अन्य ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।