नूंह जिले में बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। बता दे कि प्रशासन ने एक नाबालिग जोड़े की शादी को समय रहते रुकवा दिया गया। जिले के एक गांव में शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और बारात के स्वागत की जोरदार तैयारी थी, लेकिन प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर विवाह समारोह को रोक दिया। सूचना मिलने पर बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। जांच में पता चला कि दुल्हन की उम्र 17 वर्ष और दूल्हे की उम्र 19 वर्ष थी, जो कानूनी रूप से विवाह योग्य आयु से कम है। इस पुष्टि के बाद अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर शादी की रस्मों को रुकवा दिया। दोनों परिवारों से लिखित में लिया आश्वासन मौके पर दोनों पक्षों के परिजनों को बाल विवाह के कानूनी परिणामों और इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कम उम्र में शादी बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। समझाइश के बाद दोनों परिवारों से लिखित में यह आश्वासन लिया गया कि बच्चों के बालिग होने तक उनका विवाह नहीं किया जाएगा। लोगों से बाल विवाह निषेध अधिकारी ने की अपील बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन ने बताया कि जिले में बाल विवाह रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कुरीतियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
नूंह में प्रशासन ने रुकवाई नाबालिग की शादी:17 साल की दुल्हन और 19 वर्ष का दूल्हा, परिजन बोले- बालिग होने पर करेंगे विवाह
