महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में नेशनल हाईवे-152 पर खाकी वर्दी का रौब दिखाकर अवैध वसूली करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। ये गिरोह दुबलाना टोल के पास वाहनों को रोक कर उनमें रिफ्लेक्टर लगा कर ड्राइवरों से रुपए वसूल रहा था। इस काम में लगे युवक खुद को ट्रैफिक विभाग का कर्मचारी बता रहे थे। RTA (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) की टीम ने दो को दबोच लिया है, जबकि इनके तीन साथी चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहे। ट्रैफिक पुलिस की वर्दी पहनकर फैलाया भ्रम RTA विभाग के ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने बताया कि उन्हें काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं। सूचना के आधार पर जब टीम ने दुबलाना टोल पर छापेमारी की, तो वहां पांच युवक खाकी रंग के कपड़ों में मिले। हैरानी की बात यह थी कि इनमें से एक युवक ने बिल्कुल नीले रंग की ट्रैफिक पुलिस वाली वर्दी पहन रखी थी, ताकि हाईवे से गुजरने वाले ड्राइवर उन्हें असली पुलिस समझकर रुक जाएं और कोई शक न करे। गतिविधियों पर हुआ शक ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर को इनकी गतिविधियों पर शक हुआ। जब टीम ने उनसे पूछताछ करनी चाही तो सभी आरोपित एक गाड़ी में बैठकर मौके से फरार हो गए। आरटीए टीम ने उनका पीछा किया, इस दौरान तीन आरोपी भागने में सफल रहे, जबकि दो युवकों को पकड़ लिया गया। झज्जर के बेरी का रहने वाला पकड़े गए दोनों आरोपियों को सदर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे झज्जर जिले के बेरी क्षेत्र के पास स्थित दादया गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनका एक मुखिया है, जो उन्हें दिहाड़ी पर यह काम करवाता है और वसूली की रकम का बड़ा हिस्सा खुद रखता है। जांच जारी इस संबंध में सदर थाना प्रभारी धर्मवीर ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। रिफेलेक्टर लगाने वाले धुंध के मौसम को देखते हुए ऐसा कर रहे थे। उन्होंने कहीं से कोई इजाजत नहीं ली थी। इस मामले की अभी वे जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही कुछ सामने आएगा।
नारनौल में टोल पर ‘खाकी’ पहनकर वसूली का खेल:वाहनों को रिफ्लेक्टर लगा ले रहे थे रुपए; RTA टीम ने रंगे हाथों पकड़े फर्जी पुलिस कर्मी
