करनाल में कुत्तों के झुंड ने बच्चे को नोचा:घर के बाहर खेल रहा था; शरीर में कई जगह घाव, 8 टांके लगाने पड़े

Spread the love

करनाल में घर के पास खेल रहे बच्चे पर तीन-चार कुत्तों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को शरीर पर कई जगह से काट लिया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और उसे बचाया गया। परिवार उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने इलाज किया। बच्चे को गहरे घाव आए और टांके लगाए गए। घटना के बाद इलाके में डर का माहौल है और लोग बच्चों को बाहर भेजने से घबरा रहे हैं। घायल बच्चे राजदक्ष ने बताया कि वह घर पर था और उसकी तबीयत ठीक नहीं थी। उसने मां से पूछकर बाहर खेलने की इजाजत ली। उसकी मां घर के बाहर धूप में बैठी थी। बच्चा सड़क की दूसरी तरफ चला गया, तभी तीन-चार कुत्तों ने उस पर झपट्टा मार दिया और काटना शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से बच्चा संभल भी नहीं पाया और जमीन पर गिर गया। मां और पड़ोसी ने कुत्तों के चंगुल से बचाया
बच्चे के शोर मचाने पर उसकी मां तुरंत मौके पर पहुंची। उसी समय एक पड़ोसी भी आ गया। दोनों ने मिलकर कुत्तों को भगाया और बच्चे को सुरक्षित निकाला। इसके बाद परिवार बिना देरी किए उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने घावों की सफाई कर टांके लगाए और इंजेक्शन भी लगाए गए। पहले भी काट चुका है एक कुत्ता, फिर भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई
बच्चे की मां रूबी ने बताया कि गली में एक कुत्ता ऐसा है, जिसने पहले भी कई लोगों को काटा है। नगर निगम की टीम पहले कुत्तों को पकड़कर ले गई थी, लेकिन कुछ समय बाद फिर छोड़ दिया गया। इसके बाद वही कुत्ता और ज्यादा आक्रामक हो गया है। अब गली में निकलते समय भी डर लगता है कि कहीं फिर किसी पर हमला न कर दे। बाइक के पीछे दौड़ते हैं कुत्ते, हादसों का खतरा
बच्चे के पिता अजय ने बताया कि आवारा कुत्ते कभी लोगों के पीछे दौड़ते हैं तो कभी बाइक के पीछे लग जाते हैं, जिससे गिरने और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि इससे पहले भी इलाके में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया गया। नगर निगम से शिकायत देने की तैयारी
परिवार का कहना है कि आवारा कुत्तों को यहां से हटाकर किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए, ताकि किसी और के साथ ऐसी घटना न हो। इसके लिए नगर निगम में शिकायत दी जाएगी। लोगों की मांग है कि सिर्फ पकड़कर छोड़ने की बजाय स्थायी और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।