कैथल में पार्षद और प्रतिनिधि को 7-7 साल की सजा:फर्म की पेमेंट दिलवाने के नाम पर मांगी थी कमीशन, ACB ने दबोचे

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कैथल जिले में फर्म को पेमेंट करवाने की एवज में कमीशनखोरी करने वाले एक जिला पार्षद और एक पार्षद प्रतिनिधि को एडिशनल सैशन जज डॉ. नंदिता कोशिक की अदालत ने सात-सात साल कैद और 50-50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों ने एक फर्म से कमीशन मांगा था, जिसमें दोनों को रुपए लेते हुए एसीबी ने पकड़ा था। अब तथ्यों में सत्यता मिलने के बाद दोनों को सजा सुनाई गई है। वाटर टैंक और कूलर किए सप्लाई एसिस्टेंट जिला अटॉर्नी कुलदीप गर्ग ने बताया कि ये मामला 18 जनवरी 2024 का है। ग्रीन नेटवर्क फर्म चलाने वाले विजेंद्र चहल नामक व्यक्ति ने जिला परिषद को वाटर टैंक और कूलर सप्लाई किए थे। जिला परिषद सदस्य विक्रमजीत व उर्मिला ढुल का पति भरत ढुल इसकी पेमेंट करवाने के लिए आठ प्रतिशत कमीशन मांग रहे थे। बाद में इनकी एक लाख रुपए में सेटलमेंट हो गई। 18 जनवरी 2024 को एसीबी के संपर्क में आकर इन्होंने रेड की। दोनों से 50-50 हजार रूपए बरामद दोनों को गाड़ी से पकड़ लिया गया और उनसे 50-50 हजार रुपए बरामद हुए, आज दोनों को कोर्ट द्वारा सजा सुनाई गई। विक्रमजीत पार्षद को सात साल की सजा हुई है। एक लाख रुपए जुर्माना किया गया है। जुर्माना न देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा होगी। वहीं भरत को भी सात साल सजा व 50 हजार रुपए जुर्माना हुआ है। जुर्माना न देने पर छह महने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। शिकायतकर्ता ने वॉयस की थी रिकॉर्ड इन दोनों ने रुपए की मांग की, तो शिकायतकर्ता ने इनकी वॉयस रिकॉर्ड कर ली थी। जब इस जांच के लिए भेजा, तो वॉयस मैच हो गई। अब सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए दोनों को सजा हुई है। एडिशनल सैशन जज डॉ. नंदिता कोशिक की कोर्ट ने दोनों को सजा सुनाई है, दोनों को जेल भेज दिया है। तीन साल तक दोनों जेल में ही रहेंगे। इनको पार्षद के पद से भी हटाया जा चुका है।