कैथल में इंस्पेक्टर सहित 9 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर:हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू को धमकाने का मामला, झूठे केस में फंसाने की दी थी धमकी

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कैथल जिले में पुलिस विभाग में हेड कॉन्स्टेबल की ओर से उसको डीएसपी द्वारा धमकाने के मामने में एक इंस्पेक्टर सहित 9 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया किया है। ये सभी नशा मुक्ति टीम में शामिल रहे हैं। एसपी उपासना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशा जागरूकता टीम के सदस्य सुनील संधू सहित पूरी टीम को अनुशासनहीनता के आरोप में लाइन हाजिर किया। पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने इसकी पुष्टी की। उन्होंने कहा कि विभागीय नियमों के उल्लंघन के चलते यह कदम उठाया गया है। ये अधिकारी कर्मचारी शामिल तीन दिन पहले ही हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कलायत के डीएसपी पर धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें झूठे नशा मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। अब पुलिस ने जिन पर कार्रवाई की, उनमें इंस्पेक्टर साहिल, एसआई कर्मबीर, ASI ओमप्रकाश, HC सुनील, सिपाही रेखा और सोनिया, एसपीओ जसविंदर, राजपाल और प्रदीप का नाम शामिल हैं, जिनको लाइन हाजिर किया गया। शोसल मीडिया पर लिखी पोस्ट बता दें कि सुनील संधू ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने डीएसपी कलायत ललित यादव पर गंभीर आरोप लगाए। पोस्ट में उन्होंने कहा कि उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है और मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। संधू ने लिखा कि वे नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे और प्रशासन के निर्देशों पर कार्रवाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें लगातार “मेंटली डिस्टर्ब” किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक उच्च अधिकारी ने उन्हें झूठे केस, यहां तक कि स्मैक बेचने जैसे गंभीर आरोप में फंसाने की धमकी दी है। परिवार और ईमानदारी का किया जिक्र पोस्ट में सुनील संधू ने अपने परिवार का जिक्र करते हुए लिखा कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं और वे इस पूरे घटनाक्रम से काफी तनाव में हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने सेवा काल में कभी रिश्वत नहीं ली और न ही किसी का बुरा चाहा। उन्होंने लिखा कि वे सच का साथ दे रहे हैं और किसी के दबाव में झूठ नहीं बोल सकते। संधू ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की और कहा कि वे हमेशा नशा बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाते रहे हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि यदि उनसे कभी किसी का दिल दुखा हो तो उन्हें माफ किया जाए। सुनील संधू की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। कई लोगों ने उनकी पोस्ट पर चिंता जताई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि मामले में पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।