जींद जिले के जुलाना क्षेत्र के पौली गांव में 39 साल बाद घर में बेटी के जन्म पर परिवार ने खुशी का माहौल बना दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर जश्न मनाया गया और पूरे गांव को भोज करवाया गया। बेटी के जन्म पर कुआं पूजन कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उत्सव मनाया गया। परिवार ने दिया समानता का संदेश
पौली गांव निवासी संजय ने बताया कि उनके घर में 39 साल पहले उनकी बहन का जन्म हुआ था और अब इतने वर्षों बाद उनके घर में बेटी ने जन्म लिया है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार बेटा और बेटी में कोई भेदभाव नहीं करता। बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और माता-पिता का नाम रोशन कर रही हैं। समाज को सोच बदलने की जरूरत
संजय ने कहा कि समाज को भी यह सोच बदलनी चाहिए कि बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं है। अगर बेटियों को समान अवसर और परवरिश दी जाए तो वे हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि बेटी का जन्म घर में खुशियां लेकर आता है और इसे उत्सव की तरह मनाना चाहिए। माता ने कहा—बेटियां किसी से कम नहीं
लड़की की माता ने बताया कि आज के समय में बेटियां खेल, शिक्षा, सेना और अन्य क्षेत्रों में लड़कों से किसी भी तरह पीछे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बेटी का जन्म सौभाग्य की निशानी है और हर परिवार को इसे गर्व के साथ मनाना चाहिए।
जींद में परिवार में 39 साल बाद जन्मी बेटी:ढोल-नगाड़ों से मनाया जश्न; कुआं पूजन कर दिया समाज को संदेश
