झांसी में MBA पास भाई को न्यूड करके दफनाया:कपड़े धुलकर रखे; पकड़ा न जाए, इसलिए फोन जंगल में जलाया

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झांसी में गाली देने पर छोटे भाई ने MBA पास बड़े भाई की हत्या कर दी। हत्या के बाद पकड़ा न जाए, इसलिए एक-एक सबूत मिटाने का पूरा प्लान बनाया। घर के पिछले हिस्से में 5 फीट गहरी कब्र खोदी और लाश को न्यूड कर दफना दिया। शव दफनाने के बाद खून से सने कपड़े वॉशिंग मशीन में धोकर रख दिए। हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, चाकू और फावड़ा 3 किलोमीटर दूर ले जाकर नाले में फेंक दिए। भाई का मोबाइल जंगल में ले जाकर जला दिया। बाद में जब फंसने का डर सताया तो कपड़े भी जला दिए। इधर, मां को बताया कि बड़ा बेटा लापता है। सुनते ही वह अपने मायके से घर पहुंची। फिर छोटे बेटे (आरोपी) संग थाने गई। थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में जब सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए, तब मामले का खुलासा हुआ। पुलिस पूछताछ में आरोपी सरकारी कर्मचारी भाई ने बताया- मैं उसे जगाने गया था। वह गाली देने लगा। इसके बाद चाकू उठाकर मुझे मारने दौड़ा। मुझे गुस्सा आ गया। मैंने कुल्हाड़ी उठाकर मार दी, जिससे वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर गया। मैंने चाकू से उसका गला काट दिया। वह मौके पर ही मर गया। पूरा मामला प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बिहारीपुरा मोहल्ले का है। फिलहाल आरोपी की पत्नी और साला फरार हैं। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। अब पूरी घटना सिलसिलेवार पढ़िए… झांसी रेलवे स्टेशन से 5 किमी दूर बिहारीपुरा मोहल्ला है। यहां के रहने वाले मिर्जा अकील बेग प्राइमरी स्कूल में टीचर थे। उन्होंने 2500 वर्गफीट में दो मंजिला मकान बनवाया था। 2022 में रोड एक्सीडेंट में उनकी मौत हो गई थी। उनके दो बेटे तारिक बेग और मशारिक हैं। घरवालों के मुताबिक, पिता की मौत के बाद बड़े बेटे तारिक को अनुकंपा पर चपरासी की नौकरी मिल रही थी। तारिक (40) MBA कर चुका था। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था, इसलिए उसने चपरासी की नौकरी करने से मना कर दिया। इसके बाद यह नौकरी उसके छोटे भाई मशारिक को मिल गई। मां झांसी न्यायालय में पेशकार पद से रिटायर्ड हैं। दिमागी हालत ठीक न होने के चलते वह अक्सर अपने मायके में भाइयों के पास रहती हैं। उनका मायका बिहारीपुरा से करीब 10 किलोमीटर दूर पुरानी तहसील मोहल्ले में है। मशारिक ने मोहल्ले में ही रहने वाली लड़की से 9 दिसंबर 2025 को लव मैरिज की थी। ऐसे खुला राज, जानिए 9 फरवरी को घर में दोनों भाई ही मौजूद थे, जबकि मां मायके गई हुई थीं। इसी दौरान सुबह दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद छोटे भाई ने कुल्हाड़ी और चाकू से वार कर बड़े भाई की हत्या कर दी। हत्या के अगले दिन मां ने फोन किया, लेकिन बड़े बेटे का मोबाइल स्विच ऑफ आया। उन्होंने छोटे बेटे से बात की तो उसने बताया कि भाई कहीं चले गए हैं। आरोपी ने चार दिन तक परिवार को गुमराह किया। फिर 15 फरवरी को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके बाद परिजन बेटे की तलाश करते रहे, लेकिन आरोपी भाई उसे खोजने में रुचि नहीं ले रहा था। इस पर मामा को शक हुआ। उन्होंने पुलिस को आरोपी के बर्ताव के बारे में बताया। 19 फरवरी को पुलिस ने आरोपी को थाने बुलाकर पूछताछ की। सख्ती करने पर उसने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस आरोपी को लेकर घर पहुंची, जहां वह 3 घंटे तक पुलिस को गुमराह करता रहा। रात 12 बजे SSP और मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। सख्ती बढ़ने पर आरोपी ने कब्र की जगह बताई। इसके बाद शव बाहर निकाला गया। अब पढ़िए आरोपी का कबूलनामा… कुल्हाड़ी से वार किया, फिर चाकू से गला काटा पुलिस पूछताछ में आरोपी मशारिक ने कहा- मैं अपनी पत्नी के साथ फर्स्ट फ्लोर पर रहता हूं। मां और तारिक ग्राउंड फ्लोर पर रहते थे। मां और मेरी पत्नी अपने-अपने मायके गई थीं। 9 फरवरी की सुबह मैं पहले जगा। नीचे गया तो भाई सो रहा था। मैंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला। मैं लगातार दरवाजा खटखटाता रहा। गुस्से में भाई ने दरवाजा खोला और गाली देने लगा। मैंने गाली देने से मना किया तो उसने चाकू उठा लिया। तारिक मुझे चाकू मारने जा रहा था, लेकिन मैंने उसे पकड़ लिया। इसके बाद भी हमारा झगड़ा होता रहा। फिर मैंने कुल्हाड़ी उठाई और तारिक के सिर पर मार दी। कुल्हाड़ी लगते ही वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। मैंने उसी चाकू से उसकी गर्दन काट दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। किसी को कुछ पता न चले, इसलिए मैंने उसे दफनाने और सबूत मिटाने का प्लान बनाया।” 5 फीट गहरा गड्ढा खोदकर लाश दफनाई, नमक डाला
आरोपी ने बताया- मैंने घर के पिछले हिस्से में फावड़े से 5 फीट गहरा गड्ढा खोदा। तारिक के सभी कपड़े निकालकर लाश को न्यूड कर दिया। फिर 100 किलो नमक डालकर शव को उसी में दफना दिया और ऊपर ईंटें रख दीं। इसके बाद खून साफ किया और उसके कपड़ों को वॉशिंग मशीन में धोकर रख दिया। फिर मोबाइल ले जाकर जंगल में जला दिया और कुल्हाड़ी, चाकू व फावड़ा घर से करीब 3 किलोमीटर दूर एक नाले में फेंक दिए।” आरोपी के ससुराल वाले फरार
14 फरवरी को जब तारिक के मामा मोहम्मद सलीम को भांजे के लापता होने की जानकारी मिली तो वह बहन के घर बिहारीपुरा पहुंचे। उन्होंने मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जैसे ही यह जानकारी मशारिक के ससुराल पक्ष को हुई, उन्होंने घर पर ताला लगाया और सभी लोग भाग गए। तीन दिन तक उनका घर बंद रहा। इस दौरान मशारिक परिजनों को गुमराह करता रहा। इससे मामा का शक और गहरा गया। वह पुलिस को सूचना देने जा रहे थे। इसी दौरान मशारिक ने खुद को फंसता हुआ पाया। उसने मामा से कहा- FIR में मेरा नाम मत देना, क्योंकि मैं सरकारी कर्मचारी हूं। इस बात पर उनका शक यकीन में बदल गया। तारिक बेग के मामा ने हत्या में मशारिक के साथ उसकी पत्नी मुस्कान और उसके भाई तालिब को भी आरोपी बनाया है। उनका कहना है कि अगर उन्होंने हत्या में कोई भूमिका नहीं निभाई होती, तो वे मामले के खुलने से पहले फरार नहीं होते। जब हम लोग मोहल्ले में सीसीटीवी कैमरे देखने पहुंचे थे, उस वक्त तक मशारिक के ससुराल वाले घर पर ही थे, लेकिन कुछ ही मिनटों में वे फरार हो गए। ————– यह खबर भी पढ़िए- यूपी में शिक्षा मित्रों को अब 18 हजार रुपए मिलेंगे:अनुदेशकों की भी सैलरी बढ़ाई, योगी का विधानसभा में ऐलान यूपी में पंचायत और विधानसभा चुनाव से पहले 1.70 लाख शिक्षा मित्र और अनुदेशकों को योगी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। शिक्षा मित्रों को अब 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए हर महीने मिलेंगे। अभी तक शिक्षा मित्रों को 10 और अनुदेशकों को 9 हजार रुपए ही मिल रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…