हिसार में प्राइवेट बस ड्राईवर ने उड़ाई 40 किलो चांदी:मथुरा से फतेहाबाद जा रहा था यूपी का व्यापारी, झाड़ियों में छिपाई

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हिसार शहर में उत्तरप्रदेश के मथुरा के रहने वाले स्वर्ण व्यापारी की 40 किलो चोरी हो गई। वारदात गुरुवार अल सुबह हुई। व्यापारी प्राइवेट बस से मथुरा से फतेहाबाद जा रहा था। बस ड्राइवर ने उसे अपनी बातों में उलझाकर उसकी चांदी को रामायण टोल के पास बस से नीचे उतरकर झाड़ियों में छिपा दिया। व्यापारी को अग्रोहा टोल पर बैग नहीं दिखा, तो उसने शोर मचा दिया और उसके बाद पुलिस को फोन पर सूचना दी। अब हिसार पुलिस ने 40 किलो चांदी चोरी के मामले का 13 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी बस ड्राइवर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की गई पूरी चांदी बरामद कर ली। बरामद चांदी की कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। एएसपी ने प्रेस कान्फ्रेंस का पूरा मामला बताया… कल सुबह 6 बजे सूचना मिली : एएसपी मयंक मुदगिल ने प्रेसवार्ता में बताया कि 19 मार्च को सुबह लगभग 6 बजे कंट्रोल रूम को 40 किलो चांदी चोरी होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न टीमें गठित की। एएसआई संदीप और स्पेशल स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर पवन के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि बस मथुरा से फतेहाबाद जा रही थी। रास्ते में ड्राइवर संदिग्ध रूप से चांदी के बारे में जानकारी जुटा रहा था। चांदी चोरी का ड्राइवर पर संदेह हुआ : एएसपी ने बताया कि शिकायतकर्ता अग्रोहा के रविंद्र सोनी ने भी ड्राइवर पर संदेह व्यक्त किया था। पुलिस को यह भी इनपुट मिला कि आरोपी सिरसा की ओर जा सकता है, जिसके बाद टीमों ने घेराबंदी तेज कर दी। एएसपी के अनुसार, बस जब रामायण टोल के पास रुकी, तो ड्राइवर ने मौका पाकर चांदी से भरा बैग झाड़ियों में फेंक दिया। बाद में उसने बैग से चांदी निकालकर अलग छिपा दी। जब बस अग्रोहा के पास पहुंची, तो यात्रियों को बैग गायब मिला, जिससे चोरी का खुलासा हुआ। हिसार बस स्टैंड पर चालक पकड़ा : पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सिरसा पहुंचने के बाद चालक बदल गया था। आरोपी दोबारा रामायण टोल के पास जाकर छिपाई गई चांदी उठाने की फिराक में था। इसी दौरान उसे हिसार बस स्टैंड पर पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर पूरी चांदी बरामद कर ली गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी हाल ही में एक ट्रैवल कंपनी के माध्यम से बस ड्राइवर के रूप में नियुक्त हुआ था। उसने मथुरा के व्यापारी राजेश शर्मा से जान-पहचान के जरिए चांदी के बारे में जानकारी जुटाई और फिर वारदात को अंजाम दिया।