हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस-भाजपा एक-एक सीट जीती:कांग्रेस के 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, फिर भी .33 वोट वैल्यू से जीते बौद्ध

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हरियाणा राज्यसभा चुनाव में भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने जीत दर्ज की। वोटिंग के दौरान 90 में से 88 विधायकों ने वोट डाले। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के दोनों विधायक अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल वोटिंग से दूर रहे। कांग्रेस के 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि 4 वोट रद्द हो गए। भाजपा का भी एक वोट रद्द हुआ। कांग्रेस और भाजपा के मिलाकर कुल 5 वोट रद्द हुए। इस गणित के हिसाब से 88 (डले वोट)-5 (रद्द वोट)= 83 (वैलिड वोट) बने। जिनकी कुल वोट वैल्यू 8300 थी। इसके मुताबिक चुनाव जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 2766.66 कोटा वोट की जरूरत थी। संजय भाटिया को 2766.66, कर्मवीर बौद्ध को 2800 और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को 2733.33 वोट वैल्यू मिली। ऐसे में कर्मवीर बौद्ध सतीश नांदल से मामूली अंतर, यानी .33 वोट वैल्यू से जीत गए। कांग्रेस उम्मीदवार की जीत के बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्‌डा ने कहा- इस चुनाव में हमारे सामने चुनौती बहुत बड़ी थी। हमने अग्नि परीक्षा पास की है। जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की है, उन्हें जनता देख लेगी। सवाल-जवाब में समझें वोटों से कैसे बदला खेल और किसे फायदा और नुकसान हुआ… सवाल: इनेलो के 2 वोट डलते तो कैसे बदलता नतीजा? जवाब: यदि इनेलो ने राज्यसभा चुनाव से दूरी न बनाई होती तो नतीजे कुछ और हो सकते थे। कांग्रेस की जीत .33 वोट वैल्यू यानी एक से भी कम वोट के अंतर से हुई। इनेलो निर्दलीय नांदल को वोट देती तो उनकी जीत तय थी। सवाल: भाजपा की एक वोट रद्द होने से कैसे गड़बड़ हो गई? जवाब: यदि भाजपा का एक वोट रद्द न हुआ होता, तब भी नतीजे बदल जाते। क्योंकि उस स्थिति में सतीश नांदल के पास कांग्रेस से अधिक वोट वैल्यू होती। सवाल: भरत सिंह बेनीवाल का वोट रद्द होता तब क्या होता? जवाब: वोट सीक्रेसी को लेकर कांग्रेस विधायक भरत सिंह बेनीवाल के वोट की शिकायत हुई थी। हालांकि जांच में वह वोट वैलिड निकला। अगर यह वोट रद्द हो जाता तो कांग्रेस ये चुनाव हार सकती थी। सवाल: 9 वोट गंवाने के बावजूद कांग्रेस कैसी जीत गई? जवाब: इनेलो के 2 वोट न डलने और 5 वोट रद्द होने से कुल 83 वोटों की गिनती हुई। ऐसे में जीत का कोटा 27.66 वोट रह गया। इसलिए कांग्रेस 5 क्रॉस वोट और 4 वोट रद्द होने के बाद भी जीत गई। क्योंकि उसके पास 28 वोट बच गई। सवाल: पिछली बार के मुकाबले इस बार कांग्रेस में अलग क्या था? जवाब: इस बार कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं। जीत के कोटा वोट से अधिक थे। 2022 में पार्टी के पास 31 विधायक ही थे। 2 वोट में ही खेल हो गया था। सवाल: कांग्रेस के मास्टर स्ट्रोक क्या रहे? जवाब: राहुल गांधी ने गुटबाजी को देखते हुए अपनी पसंद का प्रत्याशी बनवाया। जिनके ऊपर किसी गुट की छाप नहीं थी। अनुसूचित समाज से प्रत्याशी बनाकर अपने कोर वोटबैंक को साधने की कोशिश की। 3 दिन की बाड़ाबंदी का फायदा मिला। सवाल: कांग्रेस के भीतर क्या असर होगा? जवाब: नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कद बढ़ेगा। पहले दिन से हुड्डा ने ही विधायकों को संभालने की कमान थामी। हुड्डा खुद चंडीगढ़ में रहे, जबकि सांसद बेटे दीपेंद्र हुड्डा को विधायकों के साथ हिमाचल भेजा। हालांकि 5 क्रॉस वोट पर हाईकमान को जवाब देना होगा। सवाल: कांग्रेस का क्या मैसेज देने का प्रयास? जवाब: कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए एससी समाज से प्रत्याशी बनाया। लोकसभा में भी एससी आरक्षित दोनों सीटें सिरसा व अंबाला कांग्रेस के खाते में हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 5 सीटें दिलाने में इस वोट बैंक की अहम भूमिका रही। विधानसभा चुनाव में सैलजा की नाराजगी के बाद वोट बैंक छिटका था। सवाल: भाजपा कहां चूक गई? जवाब: भाजपा ने शुरू में ही आक्रामक रणनीति अपनाकर कांग्रेस के बैकफुट पर धकेला। पार्टी के उपाध्यक्ष सतीश नांदल को निर्दलीय उतार 2016 और 2022 वाला फॉर्मूला अपनाया। गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी को पर्यवेक्षक बनाया। हालांकि, जीत के लिए जरूरी वोट नहीं जुटा पाई। भाजपा का एक वोट रद्द होने भी टर्निंग पॉइंट बन गया। सवाल: इनेलो वोटिंग से दूर क्यों हुई? जवाब: असल में इनेलो फंस गई थी। वोटिंग में शामिल होने पर हॉर्स ट्रेडिंग का भागीदारी बनने का आरोप लगता। कांग्रेस प्रचारित करती कि BJP की बी टीम है। परंपरागत प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस से हाथ मिलाने से नुकसान का खतरा था। जाट वोट बैंक की नाराजगी भी झेलनी पड़ सकती थी। दोनों नए राज्यसभा सांसदों के बारे में जानिए… —————————– ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणा राज्यसभा चुनाव के रोचक मोमेंट्स, PHOTOS:व्हीलचेयर पर विज, इलियास सहारा लेकर पहुंचे, CM के सचिव संग दिखीं कांग्रेस MLA; विनेश को लाए हुड्डा हरियाणा राज्यसभा चुनाव के दिन कैबिनेट मंत्री अनिल विज व्हीलचेयर पर वोटिंग करने पहुंचे। वहीं पुन्हाना से कांग्रेस एमएलए मोहम्मद इलियास दो साथियों का सहारा लेकर वोटिंग करने आए। हुड्डा अपनी गाड़ी में सैलजा के करीबी चंद्रमोहन को साथ लाए। दीपेंद्र हुड्डा बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स और विनेश फोगाट को लेकर पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर…