फतेहाबाद जिले के जाखल खंड के गांव नडेल में बुधवार को किसानों ने एक किसान की जमीन की नीलामी के आदेश के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और करीब डेढ़ घंटे तक जाखल के नायब तहसीलदार रशविन्दर सिंह को बंधक बनाए रखा। कर्ज बढ़कर 27 लाख रुपए पहुंचा, कोर्ट ने दी नीलामी की अनुमति भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहा) के जिला सचिव निर्भय रतिया ने बताया कि नडेल गांव के एक किसान ने जाखल मंडी के एक आढ़ती से करीब 7 लाख रुपए का कर्ज लिया था, जो ब्याज सहित अब बढ़कर लगभग 27 लाख रुपए हो गया है। कोर्ट ने इस कर्ज की वसूली के लिए किसान की लगभग 4 करोड़ रुपए मूल्य की जमीन नीलाम करने का आदेश दिया है। किसान इस आदेश को अन्यायपूर्ण बताते हुए विरोध कर रहे हैं। सुबह से शाम तक चला धरना, पंचायत में समाधान की मांग किसानों ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वे इस विवाद को पंचायत में बैठकर सुलझाने के लिए तैयार हैं, लेकिन किसी भी तरह की जबरदस्ती या ‘धक्केशाही’ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नायब तहसीलदार को बनाया बंधक, पुलिस ने छुड़ाया कोर्ट के आदेशों का पालन कराने के लिए नायब तहसीलदार रशविन्दर सिंह गांव पहुंचे थे। उन्होंने कोर्ट की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की, लेकिन जब कोई पक्ष उपस्थित नहीं हुआ तो वे लौटने लगे। इसी दौरान किसानों ने उन्हें रोक लिया और करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाए रखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जाखल थाना प्रभारी ने नायब तहसीलदार को किसानों के कब्जे से छुड़ाकर सुरक्षित उनके कार्यालय पहुंचाया। आढ़ती बोला—कोर्ट का फैसला सर्वोपरि आढ़ती जगदीश राय ने बताया कि उन्होंने बकाया राशि की वसूली के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने जमीन नीलाम करने का आदेश दिया है और उनका कहना है कि कोर्ट का फैसला सर्वोपरि है, जिसका पालन होना चाहिए। नायब तहसीलदार ने दी सफाई—नीलामी नहीं हुई नायब तहसीलदार रशविन्दर सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव के पंचायत घर में प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुधवार को किसी भी तरह की नीलामी नहीं हुई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
फतेहाबाद में डेढ़ घंटे तक तहसीलदार को बंधक रखा:किसान की जमीन की निलामी से भड़के, धरना दिया; 7 लाख का कर्ज 27 लाख हुआ
