फरीदाबाद जेल में अब्दुल-अरुण में राम मंदिर पर बहस हुई:10 दिन में बढ़ा विवाद, सोते समय मुंह दबाया, पत्थर को नुकीला हथियार बना की हत्या

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हरियाणा के फरीदाबाद की नीमका जेल में अयोध्या राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने के आरोपी अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जेल सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर को लेकर हुए विवाद के चलते बैरक में बंद दूसरे कैदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट ने सिर में नुकीला पत्थर मारकर उसकी हत्या की। जिस समय हत्या को अंजाम दिया गया, उस समय अब्दुल रहमान गहरी नींद में था। नुकीला पत्थर लगने वह चिल्लाया तो सिक्योरिटी बैरक में बंद तीसरे कैदी शोएब रियाज की भी आंख खुल गई। तब अरूण, अब्दुल रहमान पर लगातार वार पर वार किए जा रहा था। उसके सिर से खून की धारा फूट रही थी। डर के मारे रियाज ने शोर मचा दिया। इसके बाद बाहर तैनात जेल स्टाफ और फिर अधिकारी मौके पर पहुंचे। बैरक खोलकर घायल रहमान को जेल के अस्पताल में लेकर जाया गया, जहां डाक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया। जेल सूत्रों की माने तो 15 दिन पहले ही तीनों कैदियों को एक साथ सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। पिछले कुछ दिनों से दोनों के बीच अपने-अपने धर्म को लेकर कहासुनी हो रही थी। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में अरुण के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही अब्दुल रहमान के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि पता लग सके कि कितने वार उस पर किए गए थे। इसके अलावा हत्यारोपी अरुण चौधरी के बारे में भी चौंकाने वाली बात बताई। पता चला चला कि वह जम्मू जिले के सांबा में 2023 में हुई युवक अक्षय शर्मा की सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल था। गैंगवार में हुई इस हत्या में चार आरोपी शामिल थे, जिनमें अरुण चौधरी भी मुख्य आरोपी था। हत्या के बाद ये चारों अक्षय शर्मा का हाथ काटकर ले गए थे। कैसे की गई अब्दुल रहमान की हत्या, कैसे तैयार किया गया मर्डर में प्रयुक्त् हथियार, हत्या के बाद सिक्योरिटी बैरक का क्या है हाल और अब आगे क्या होगी कार्रवाई? ऐसे ही सवालों के जवाब जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. पहले जानिए कौन है अब्दुल रहमान और कैसे पकड़ा गया… यूपी का रहने वाला, रिक्शा चलाता था, महंगे मोबाइल का शौकीन
अब्दुल रहमान यूपी के मिल्कीपुर का रहने वाला था। अयोध्या-रायबरेली हाईवे से लिंक रोड पर 5Km अंदर चलकर चमनगंज रोड उसका 650 स्क्वायर फीट का घर है। घर के बाहर चिकन शॉप की दुकान है, जिसे पिता अबू बकर चलाते हैं। गरीबी के चलते सरकार की तरफ से उन्हें अंत्योदय कार्ड मिला है। मां आश्मीन और उनकी तीन बेटियां हैं, जो अब्दुल रहमान से छोटी हैं। जांच में यह भी सामने आया था कि चार साल से अब्दुल कुचेरा बाजार से किन्हूपुर के बीच ई-रिक्शा चलाता था। उसके पास महंगे मोबाइल थे। वह केवल दसवीं तक पढ़ा था। सोशल मीडिया पर राम मंदिर के वीडियो डालने पर नजर में आया
सुरक्षा एजेंसी डार्क वेब पर भेजे जाने वाले कंटेंट को मॉनिटर करती है। भारत से पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश समेत पड़ोसी देशों में छिपे आतंकियों को डार्क वेब के जरिए ही सूचनाएं भेजी जाती हैं, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो। जनवरी, 2024 में अयोध्या के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। इसके बाद से ही राम मंदिर के कई वीडियो एक खास लोकेशन पर शेयर किए गए। जब सुरक्षा एजेंसियों ने भेजने वाले का IP एड्रेस को सर्च किया, तो जिस लोकेशन पर यह कंटेंट भेजा गया था, वह तो पता नहीं चला। मगर भेजने वाले की लोकेशन हरियाणा के फरीदाबाद की मिली। 2 मार्च 2025 को पकड़ा था, दो जिंदा ग्रेनेड, राम मंदिर के वीडियो मिले
फरीदाबाद में लोकेशन मिलने पर हरियाणा एसटीएफ की मदद से गुजरात ATS और केंद्रीय एजेंसी IB यहां पहुंची। पाली गांव में दबिश दी तो 19 साल के अब्दुल रहमान निवासी मिल्कीपुर, यूपी को पकड़ लिया। उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे, जिनको बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय किया। उसके पास कुछ विडियो भी मिले थे, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी कुछ डिटेल थी। जांच में पता चला था कि करीब डेढ़ साल से अब्दुल रहमान सोशल मीडिया अकाउंट पर भड़काऊ वीडियो अपलोड करता था। सबसे पहले अब्दुल ने टिकटॉक पर अपना अकाउंट बनाकर भड़काऊ वीडियो डालना शुरू किया। टिकटॉक पर बैन लगा तो अब्दुल इंस्टाग्राम पर एक्टिव हो गया। आतंकी अबू सूफियान ने ब्रेनवॉश किया, मंदिर पर हमले से पहले पकड़ा
जांच एजेंसियों ने जब उससे पूछताछ की तो मालूम किया कि वह लकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था। सूफियान ने ही उसका ब्रेनवॉश किया और आतंक की ऑनलाइन ट्रेनिंग दिलवाई। सूफियान ने अपने हैंडलर के जरिए फरीदाबाद में 2 हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर एक गड्ढे में छिपा दिए थे। इन्हें ही लेने अब्दुल रहमान फरीदाबाद आया था। यहां से उसे हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर लेकर 4 अप्रैल को अयोध्या जाना और हमले की वारदात को अंजाम देना था। मगर, इससे पहले ही गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। इसके बाद फरीदाबाद ही रिपोर्ट दर्ज हुई और 10 दिन के रिमांड के बाद उसे नीमका जेल में भेज दिया गया। तब से वह यहीं बंद था। वीडियो क्रांफेसिंग से उसकी पेशी होती थी। अब जानिए कैसे हुई अब्दुल रहमान की हत्या… सिक्योरिटी बैरक में थी तीन कैदी, एक यूपी, दो जम्मू कश्मीर से
तिंगाव ACP अशोक वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सिक्योरिटी बैरक में केवल तीन ही बंदी थे, एक यूपी का अब्दुल रहमान, दो जम्मू कश्मीर के अरूण चौधरी और शोएब रियाज। रूण चौधरी और शोएब रियाज को एक साथ ही जम्मू कश्मीर से सुरक्षा कारणो के चलते नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था। पहले तीनों कैदी अलग-अलग बैरक में थे। मगर, 15 दिन पहले ही तीनों को एक साथ इस सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। राम मंदिर बनने से नाराज था, अरूण से होता था झगड़ा
जेल सूत्रों के मुताबिक अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट और अब्दुल रहमान के बीच में राम मंदिर को लेकर 10 दिन से विवाद चल रहा था। राम मंदिर बन जाने से वह अक्सर नाराज रहता था। वह अपने धर्म को ही सबसे ऊपर बताता था। दूसरी तरफ अरुण चौधरी को पता चल गया था कि अब्दुल रहमान ने अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में आकर अयोध्या में राम मंदिर उड़ाने की साजिश रची थी। इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा होता था। सोते समय मुंह दबाया, सिर पर नुकीले पत्थर से कई वार किए
जेल सूत्रों के मुताबिक सोमवार की सुबह 2 से 3 के बीच का समय हो रहा था। उस समय अब्दुल रहमान और शोएब रियाज दोनों सो रहे थे, लेकिन अरुण चौधरी जगा हुआ था। उसने चुपके से अब्दुल रहमान का मुंह दबाया और उसरे सिर के पीछे के हिस्से पर नुकीले पत्थर से कई वार किए। इसी दौरान आवाज सुनकर शोएब रियाज जाग गया और उसने शोर मचाकर बैरक के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मीयों को बुला लिया। 10 मिनट बाद ही जेल अधिकारी भी पहुंच गए। घायल अब्दुल रहमान को जेल अस्पताल में लेकर जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। हत्या के बाद शांत बैठा रहा, पहले ही तैयार कर लिया था हथियार
जेल सूत्रों की माने तो हत्या के बाद अरुण शांत बैठा रहा, जबकि शोएब रियाज काफी डर गया था। डर के कारण उसने अरुण को रोकने की कोशिश तक नहीं की। सूत्रों की माने तो राम मंदिर को लेकर रोज-रोज हो रहे विवाद से अरुण काफी खफा हो गया था। इसलिए उसने दिन में ही एक पत्थर को नुकीला बनाकर हथियार बना लिया था। यह पत्थर वह जेल परिसर से ही उठाकर लाया था। उसने इसी नुकीले पत्थर से अब्दुल रहमान पर एक के बाद एक कई वार किए। अब्दुल रहमान की हत्या करने वाले अरुण से जुड़ी 3 अहम बातें… सांबा में अक्षय शर्मा हत्याकांड से चर्चा में आया
अरुण चौधरी जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के गांव खौर देओनियन का रहने वाला है। उसका नाम जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के गुड़वाल रामगढ़ में 25 दिसंबर को हुई अक्षय शर्मा हत्याकांड के बाद चर्चा में आया था। यह हत्या गैंगवार के चलते अंजाम दी गई थी। इसमें चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें अतुल चौधरी (ट्रिंडियन रामगढ़), अरुण चौधरी उर्फ अबू जट (आरएस पुरा, जम्मू), साहिल शर्मा उर्फ गिल्का (विजयपुर), राजेश कुमार उर्फ छोटू उर्फ माही धिल्लों (विजयपुर) शामिल थे। हाथ काटकर ले गए थे, इंस्टाग्राम पर लाइव किया था
पुलिस के मुताबिक, यह हत्या निर्ममता से की गई थी। अक्षय शर्मा की हत्या के बाद आरोपी उसका हाथ काटकर ले गए थे, जो बाद में श्मशान पड़ा मिला था। हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को इंस्टाग्राम पर लाइव स्ट्रीम किया था, जिससे मामला बहुत सुर्खियों में आ गया था। इसके बाद एक माह बाद ही सांबा पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें से दो को पंजाब के दो आरोपियों अतुल और अरुण को अमृतसर के एक होटल से पकड़ा गया था। दोनों ने पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसमें एक कांस्टेबल भी घायल हो गया था। रिश्वत के आरोप लगा तो फरीदाबाद शिफ्ट किया गया
गिरफ्तारी के बाद चारों को कठुआ जेल में भेज दिया गया था। साल 2024 में जेल से ही इंस्टाग्राम पर लाइव आकर अरुण ने कठुआ जेल प्रशासन पर फोन और सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए दो लाख लेने के आरोप लगाए थे। इसके बाद उसे अक्टूबर 2024 में कठुआ जेल से फरीदाबाद की नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था। यहीं अब उसने राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने के आरोपी अब्दुल रहमान की हत्या कर दी। पुलिस रिमांड पर लेकर अरुण से करेगी पूछताछ
अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में तिंगाव ACP अशोक वर्मा ने बताया कि इस वारदात के बाद अब अरुण चौधरी और शोएब रियाज को अलग-अलग गया है। पुलिस अब्दुल रहमान के पोस्टमार्टम के बाद अरूण चौधरी को वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी। इसके बाद मामले की आगे की कार्रवाही की जाएगी। ————————- ये खबर भी पढ़ें… फरीदाबाद जेल में अब्दुल रहमान की हत्या:राम मंदिर उड़ाने की साजिश रची थी; हमलावर और अब्दुल एक ही बैरक में थे हरियाणा की फरीदाबाद जेल में बंद अब्दुल रहमान की हत्या कर दी गई है। रविवार देर रात जेल में मर्डर केस में बंद अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट नाम के कैदी ने उस पर नुकीली चीज से हमला किया। दोनों को हाई सिक्योरिटी वाली बैरक में एक साथ बंद किया गया था। (पूरी खबर पढ़ें)