भिवानी में BKU नेता राकेश-टिकैत ने सरकार पर साधा निशाना:बोले- फसल खरीद के नए नियमों से परिवार बटेंगे, ट्रैक्टर बंद होंगे, फिर होगा आंदोलन

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भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत रविवार को भिवानी पहुंचे। उन्होंने भिवानी में पूर्व सांसद जंगबीर सिंह के निधन पर उनके आवास पर पहुंचकर शोक व्यक्त किया और उनके परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया। इस दौरान किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सांसद जंगबीर सिंह का गांव-देहात से जुड़ाव रहा है। राकेश टिकैत ने अनाज मंडिया में बायोमैट्रिक लगाने व ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट लगाने के नियम पर कहा कि जो ट्रैक्टर किराए पर होगा, उसे तो जेल जाना पड़ेगा। अगर तीसरी बार वहां चला गया तो जेल पाएगा, उसे कौन छुड़वाएगा। वहीं, ट्रैक्टरों के सभी कागज भी नहीं मिलते। एनजीटी के नियम के कारण एनसीआर में 10 साल और अन्य जगह 15 साल पुराना ट्रैक्टर किसी के नाम नहीं होगा। उसका ना रजिस्ट्रेशन मिलेगा और ना ही बीमा मिलेगा, इसलिए सभी ट्रैक्टर तो बंद ही होंगे। खेती ज्यादा पढ़े-लिखे सिस्टम से नहीं चलेगी- राकेश टिकैत राकेश टिकैत ने कहा कि जमीन दादा के नाम है तो ट्रैक्टर लेकर पोता जाएगा। दादा की उम्र 90-95 साल उम्र है और उसका अंगूठा लगेगा। यदि किसी लड़की के नाम जमीन है और उसकी शादी हो रखी है, तो उसके ससुराल वाले उसे भेजे या ना भेजे। खाते में पैसा भी उसके खाते में जाएगा। इससे परिवार अलग-अलग बंटेगा। जो पहले सिस्टम चल रहा था, उसी सिस्टम से चलने दें। खेती ज्यादा पढ़े-लिखे सिस्टम से चलेगी नहीं। यहां किसान व व्यापारी आपस में समन्वय करके काम चला लेते हैं। आईएमटी को बताया जमीन छीनने का प्रोजेक्ट राकेश टिकैत ने बरसात व ओलावृष्टि को लेकर कहा कि जो गेहूं गिर गए हैं, उसका दाना छोटा होगा और लेबर खर्च बढ़ेगा। अधिकारी कह देते हैं कि गेहूं तो खेत में ही हैं, लेकिन इसकी लेबर खर्च बढ़ेगी। एक खेत को इकाई मानकर भरपाई हो। अगर क्षेत्र को को इकाई मानेंगे तो भरपाई नहीं हो पाएगी, इसलिए जिस खेत में नुकसान हुआ है, उसको ही इकाई मानें। आईएमटी प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने कहा कि, यह जमीन छीनने का एक प्रोजेक्ट है। जमीनों के दाम महंगे होंगे, किसान जमीन छोड़ दे। सरकार और बड़ा उद्योगपति की नजर किसानों की जमीन पर है। वे किसी भी कीमत पर जमीन छीनना चाहते हैं। इंडस्ट्रीज के नाम पर प्रोजेक्ट फाइल लगेंगी, प्रोजेक्ट मंजूर करवाएंगे, जमीन खरीदेंगे, लेकिन इंडस्ट्री नहीं लगेगी और जमीन को महंगे रेट में बेचेंगे। फिर से हो सकता है आंदोलन राकेश टिकैत ने इस तरह के नियमों को लेकर फिर से आंदोलन करने के सवाल पर कहा कि, जरूर जरूरत पड़ेगी। लोग जागरूक हो रहे हैं। अपनी जमीन ना बेचें। जमीन कोई घाटे का सौदा नहीं हैं, दिल्ली की कलम बेईमान है, यह पता रहना चाहिए। पहले जिस तरह का आंदोलन हुआ था, जरूरत हुई तो उसी तरह का मुवमेंट भी चलेगा। पूरे देश में मीटिंगें चल रही हैं। जहरीली दवाई किसने दी और इंडस्ट्री किसकी- टिकैत किसान नेता राकेश टिकैत ने जहरीली खेती पर कहा कि हम भी पेस्टीसाइस से तो हम भी दुखी हैं। लेकिन खेती कैसे करें, रास्ता बता दें। जहरीली दवाई दी किसने और इंडस्ट्री किसकी है। आप ऑर्गेनिक खेती की तरफ किसान को लेकर चलें, उस पर सब्सिडी दें। उन्होंने कहा कि सरकार दुध बाहर से मंगाने का प्रयास कर रही है, इससे भारतवासियों को नुकसान होगा। इससे हमारा पशुधन भी बर्बाद हो जाएगा।