अमेरिका में कुरुक्षेत्र के युवक की एक्सीडेंट में मौत:खड़ी ट्रेन से टकराया ट्रक, मां बोली- 6 महीने के पोते की आवाज सुननी थी

Spread the love

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के एक युवक की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। युवक करीब 7 साल पहले अपने परिवार के साथ बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका के कैलिफोर्निया गया था। उसका करीब 6 महीने का बेटा है, जो अपनी मां के साथ कैलिफोर्निया में रह रहा है। इधर, बेटे की मौत की खबर से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। इस्माइलाबाद के गांव कुम्हार माजरा का रहने वाला संदीप सिंह (32) की अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहता था। यहां संदीप सिंह ट्रक पर ड्राइवरी करता था। यहां गांव में उनका बड़ा भाई डिंपल अपनी बुजुर्ग मां अमरजीत कौर के साथ रहते हैं। अचानक बेटे की मौत की खबर सुनकर परिवार को झटका लगा है। खड़ी ट्रेन से टकराया ट्रक परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, संदीप सिंह ट्रक लेकर टेक्सास गया हुआ था। यहां उसका ट्रक खड़ी ट्रेन से टकरा गया। घटना के वक्त संदीप ट्रक में अकेला ही था। एक्सीडेंट में संदीप बुरी तरह घायल हो गया और काफी देर तक घायलावस्था में पड़ा रहा। बाद में किसी ने उसे देखकर पुलिस को सूचना दी। लेकिन तब तक संदीप दम तोड़ चुका था। हालांकि अमेरिकन पुलिस घटना की जांच कर रही है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि संदीप की मौके पर ही मौत हो गई। घरवालों ने ट्रक में लगे सीसीटीवी कैमरे से एक्सीडेंट कैसे हुआ उसका पता लगाने की कोशिश भी की। 2019 में गया था अमेरिका संदीप सिंह साल 2019 में अमेरिका गया था। वहां वह अपनी पत्नी पवनदीप कौर के साथ रह रहा था। करीब 2 साल पहले उसकी पत्नी अमेरिका गई थी। परिवार के लिए खुशियों का दौर तब शुरू हुआ था, जब करीब 6 महीने पहले उनके घर बेटे अर्जुन सिंह का जन्म हुआ। बहन और बहनोई भी अमेरिका में अब परिवार गहरे सदमे में डूब गया है। परिवार को 6 फरवरी को बेटे की मौत की सूचना मिली। संदीप की बहन और बहनोई भी अमेरिका में रहते हैं। संदीप की पत्नी और बेटा भी अमेरिका में रहते हैं। इसलिए परिवार का कहना है कि संदीप का अंतिम संस्कार अमेरिका में ही किया जाएगा। बेटे-पोते की आवाज सुनने के लिए उठाया फोन संदीप की मां अमरजीत कौर ने बताया कि उन्होंने बेटे और पोते की आवाज सुनने की उम्मीद में फोन उठाया था, लेकिन सामने यह खबर आ गई। गांव कुम्हार माजरा में जैसे ही संदीप की मौत की खबर पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। लोग परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं।