आलीराजपुर जिले के आम्बुआ थाना क्षेत्र के ग्राम अडवाड़ा में शुक्रवार को मां द्वारा जहर दिए जाने के बाद तीन बच्चों का अंतिम संस्कार शनिवार शाम 6 बजे किया गया। दाहोद में जिन दो बच्चों, कार्तिक और दिव्या, की मौत हुई थी, उनके शव शनिवार दोपहर तीन बजे अडवाड़ा गांव पहुंचे। एक ही अर्थी पर तीनों भाई-बहन के शवों को घर से श्मशान घाट तक ले जाया गया। इस दौरान पूरा गांव गमगीन होकर रोने लगा। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए। थाना प्रभारी मोहन डावर अपने स्टाफ के साथ सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद थे। राजस्व विभाग के अधिकारी और चौकीदार भी उपस्थित रहे। भागकर दादा के पहुंचा था कार्तिक ग्रामीणों के अनुसार, महिला ने अपने तीनों बच्चों को चाय में दवा मिलाकर पिलाई थी और उन्हें घर में बंद करना चाहती थी। हालांकि, उसका बेटा कार्तिक घर की एक छोटी जगह से निकलकर अपने दादा के खेत की ओर भागा। मां ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार्तिक नहीं रुका और उसने खेत पर अपने दादा को घटना की जानकारी दी। कार्तिक ने बताया कि मां ने उन तीनों को जहर पिला दिया है और उसने खुद भी पी लिया है। इसके बाद कार्तिक वहीं उल्टी करने लगा। मां के बयान के बाद स्थिति होगी स्पष्ट थाना प्रभारी मोहन डावर ने बताया कि मृतक बच्चों की मां नूरी भाई अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। उनके बयान दर्ज होने के बाद ही इस घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मृतक बच्चों में सबसे बड़ी बेटी सावित्री पहली कक्षा में पढ़ती थी। ग्राम अडवाड़ा में अंत्येष्टि की तस्वीरें…
आलीराजपुर में एक चिता पर तीन बच्चों का अंतिम संस्कार:मां ने चाय में जहर मिलाकर दिया; तीनों भाई-बहन के शव देख सहमे ग्रामीण
