स्मार्ट बनाया जाएगा नैनीताल में यातायात: रिद्धिम अग्रवाल

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आज अराज्य अतिथि गृह में हुई इस बैठक में जिले के सभी पुलिस अधिकारी, यातायात निरीक्षक व टैक्सी यूनियन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पर्वतीय नगर में भीड़ प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, टैक्सी संचालन और पर्यटकों की सुविधा के के लिए ठोस रणनीति तय की गई।

इस अवसर पर आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि नैनीताल आने वाले प्रत्येक पर्यटक का अनुभव पुलिस की संवेदनशीलता व कार्यकुशलता पर निर्भर करता है। इसलिए योजना, समन्वय और क्रियान्वयन में पारदर्शिता व सतर्कता आवश्यक है।

बैठक में पुलिस अधिकारियों को नगर की पार्किंग क्षमता का आकलन कर वैकल्पिक पार्किंग स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मल्लीताल, तल्लीताल, मॉल रोड और उच्च न्यायालय क्षेत्र में अस्थायी पार्किंग स्थल विकसित कर वहां साइनेज, प्रकाश व निगरानी की उचित व्यवस्था करने को कहा गया। टैक्सी स्टैंडों पर अनुशासन हेतु लाइनिंग सिस्टम और ‘रोटेशन संचालन प्रणाली’ लागू करने का निर्णय लिया गया ताकि जाम की स्थिति नियंत्रित रहे।

आईजी ने दोपहिया टैक्सियों का सत्यापन कठोरता से करने, सार्वजनिक वाहनों का संयुक्त सत्यापन अभियान चलाने और नगर निकायों व हितधारकों के साथ समन्वय बैठकें करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी थानाध्यक्ष व यातायात निरीक्षक टैक्सी स्टैंडों, पार्किंग स्थलों और प्रमुख मार्गों का निरीक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। पुलिस बल की ड्यूटी व्यवस्था अनुभव व क्षेत्रीय जानकारी के आधार पर तय करने और कर्मियों को संवादकुशल प्रशिक्षण देने पर बल दिया गया।

एएनपीआर कैमरा प्रणाली करेगी संदिग्ध वाहनों पर नियंत्रण

आईजी ने एएनपीआर कैमरा प्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि यह तकनीक संदिग्ध वाहनों की पहचान, अपराध नियंत्रण और यातायात निगरानी में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने पर्यटक मार्गदर्शन के िलए आकर्षक सूचना बोर्ड, क्यूआर कोड, पूर्व रिकॉर्ड किए गए संदेशों और पीए प्रणाली के प्रयोग को भी आवश्यक बताया।

टैक्सी मार्गों पर लागू की जाएगी ‘रंग पहचान प्रणाली’

आईजी ने कहा कि जाम रहित व्यवस्था के लिए टैक्सी मार्गों पर ‘रंग पहचान प्रणाली’ लागू की जाएगी तथा पड़ोसी जनपद ऊधमसिंह नगर और अल्मोड़ा के अधिकारियों के साथ संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी ताकि वाहनों का प्रवाह नियंत्रित रहे। नैनीताल में की गई व्यवस्थाओं के सकारात्मक परिणामों के आधार पर इन्हें कैंची धाम क्षेत्र में भी विस्तारित किया जाएगा।