पिथौरागढ़ और अन्य पहाड़ी इलाकों में काला गन्या एक भरोसेमंद पारंपरिक औषधि के रूप में इस्तेमाल होती है. हाथ या पैर कटने पर इसकी ताजी पत्तियों को मसलकर घाव पर लगाने से खून जल्दी रुकता है, दर्द और जलन कम होती है और घाव जल्दी भरता है. यह अनुभवजन्य ज्ञान पीढ़ियों से पहाड़ों में प्रचलित है और आज भी प्राथमिक उपचार में काम आता है.
हाथ या पैर कट जाए तो…. पहाड़ों वाले तुरंत इस्तेमाल करते हैं यह औषधि, वजह जानकर चौंक जाएंगे, जानिए तरीका
