हरियाणा के सरकारी विभागों के साथ हुए 590 करोड़ के घोटाले में दो अकाउंट अफसरों की गिरफ्तारी हुई है। दोनों को कोर्ट में पेश कर 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं सावन ज्वेलर के मालिक राजन भी 4 दिन के पुलिस रिमांड पर है। वहीं अंकुर शर्मा को न्यायिक हिरासत भेज दिया गया है। ACB की टीम ने हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के कार्यालय में तैनात राजेश सांगवान (नियंत्रक वित्त एवं लेखा) तथा हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद में तैनात रणधीर सिंह (नियंत्रक वित्त एवं लेखा) को गिरफ्तार किया है। क्योंकि ये बैंक फ्रॉड में संलिप्त पाए गए थे। उन्होंने जानबूझकर हरियाणा सरकार के वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का उल्लंघन किया और सह-आरोपियों के साथ मिलकर सरकारी धन की हेराफेरी करने की आपराधिक साजिश रची। दोनों ने हीअपराध में सक्रिय रूप से भाग लिया और अवैध रिश्वत के रूप में बड़ी रकम स्वीकार की है। 7 पीसी एक्ट की धारा भी जोड़ी सरकारी कर्मियों के द्वारा फ्रॉड में शामिल होने व रिश्वत की रकम स्वीकार किए जाने के फैक्ट सामने आने पर एसीबी ने केस में 7 पीसी एक्ट की धारा भी जोड़ी है। अभी तक पंचायत विभाग के सुपरिडेंट व दो अकाउंट अफसर की गिरफ्तारी हो चुकी है। जिन्होंने फ्रॉड में साथ देने के लिए रिश्वत की रकम ली है। ज्वेलर्स से कैश कन्वर्जन का तरीका समझ रही पुलिस प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन के द्वारा मुख्य आरोपियों के लिए कैश कन्वर्जन का काम किया गया व इसके लिए भारी कमीशन प्राप्त किया। आरोपी के द्वारा इन फर्मों/कंपनियों के नाम सोने के आइटम्स बेचना दिखाया गया। आरोपी राजन ने इस मामले में धोखाधड़ी की शुरुआत से ही षडयंत्र रचने में अहम भूमिका निभाई तथा पूर्व योजना के तहत् अपराध को अंजाम देने में सक्रिय योगदान दिया।
IDFC बैंकिंग फ्रॉड : मार्केटिंग बोर्ड-शिक्षा विभाग अकाउंट अफसर अरेस्ट:जांच में पीसी-7 एक्ट भी जोड़ा, ज्वैलर और दोनों अफसर 4 दिन के पुलिस रिमांड पर
