Dehradun News: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में इंसान और वन्यजीवों के बीच बढ़ता टकराव अब सिर्फ डर नहीं, बल्कि जिंदगी बदल देने वाली सच्चाई बन चुका है. गुलदार और भालुओं के हमले कई लोगों को जीवन भर का घाव दे रहे हैं. खासकर भालू के हमले चेहरे और आंखों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं. लेकिन अब मेडिकल विज्ञान की एक नई तकनीक ऐसे पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है, जो न सिर्फ चेहरा सामान्य बनाती है, बल्कि आत्मविश्वास भी लौटाती है.
जंगली जानवरों के हमले में आंख गंवाने वालों के लिए वरदान बना हाइड्रोक्सी इम्प्लांट, जानिए क्या है ये सर्जरी जो लौटा रही लोगों की मुस्कान
