हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा पर सस्पेंशन की तलवार लटक रही है। ये दावा कमेटी के सीनियर उप-प्रधान गुरमीत सिंह ने किया। उप-प्रधान ने कहा कि 25 फरवरी को हरियाणा सिख ज्यूडिशरी आयोग झींडा को प्रधान पद से सस्पेंड करने का ऑर्डर सुना सकता है। असल में, आज चंडीगढ़ में हरियाणा सिख ज्यूडिशल कोर्ट में सुनवाई हुई। यहां कमेटी के प्रधान झींडा अपने साथी और पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल गुट 6 मेंबर पेश हुए। उधर, झींडा का कहना है कि उनके समर्थन में 36 मेंबर्स है। 24 फरवरी को कैथल के नीम साहिब गुरुद्वारे में अपने गुट के मेंबर्स के साथ मीटिंग करेंगे। कमेटी के बजट को लेकर छिड़ी रार प्रधान झींडा और पूर्व प्रधान के बीच कमेटी के बजट को लेकर रार छिड़ी है। पिछले महीने 7 जनवरी को कमेटी ने अपना करीब 104 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट पास किया था। इस पर आपत्ति करते हुए दादूवाल ने आयोग में प्रधान झींडा पर बगैर कोरम पूरा किए ही बजट पास करने का आरोप लगाकर शिकायत दायर की थी। कोरम पूरा नहीं करवाया- गुरमीत सिंह सीनियर उप-प्रधान गुरमीत सिंह ने बताया कि झींडा गुट के वकील की लगाई गई एप्लीकेशन पर हमारे वकील बहस के लिए तैयार थे, लेकिन उनके वकील ने बहस करने से मना कर दिया। इस पर आयोग ने अपना ऑर्डर सुनाना चाहा तो झींडा गुट के वकील ने समय मांग लिया। जबकि उनकी ओर से आयोग के सामने कोरम पूरा नहीं होने के सबूत भी दिए गए। 24 से पहले जबाव देंगे झींडा पक्ष के वकील गुरमीत सिंह ने बताया कि झींडा गुट के वकील ने 24 फरवरी से पहले अपना जबाव आयोग को देने का आश्वासन दिया। इसके अगले दिन आयोग अपना फैसला सुना सकता है। उनकी मांग है कि झींडा ने बगैर कोरम पूरा किए ही बजट पेश किया है, जिसे रद्द किया जाए। साथ ही झींडा को सस्पेंड किया जाए। झींडा का दावा- 36 मेंबर उनके साथ उधर, प्रधान जगदीश सिंह झींडा का कहना है कि उनके पास पूर्ण बहुमत है। वे 24 फरवरी को कैथल जिले के नीम साहिब गुरुद्वारे में अपने 36 मेंबर्स के साथ मीटिंग करेंगे। इस मीटिंग से अपना जबाव भी आयोग में दायर करेंगे। आरोप लगाया कि दादूवाल ने संगत से इकट्ठा फंड कमेटी को जमा नहीं करवाया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
दो बार इजलास को किया जा चुका रद्द कमेटी की तरफ से 18 फरवरी को इजलास बुलाया गया था, लेकिन झींडा ने दावा किया कि सभी मेंबर्स ने 20 फरवरी की पेशी के बाद दोबारा इजलास बुलाने पर सहमति दी थी। इसलिए इसे रद्द कर दिया गया। इससे पहले 10 फरवरी को भी इजलास रखा गया था, लेकिन वह भी रद्द हो गया।
सिख ज्यूडिशरी आयोग में पेश हुए HSGMC मेंबर्स:25 फरवरी आएगा फैसला, सीनियर उप-प्रधान बोले- कमेटी के प्रधान पर लटकी सस्पेंशन की तलवार
