इस अवसर पर कारगिल युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए अमर शहीद सिपाही धर्मेन्द्र सिंह के पिता नरपत राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने अपने संबोधन में अपने पुत्र की शहादत पर गर्व व्यक्त करते हुए युवाओं से देशभक्ति की प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
शहीद सिपाही धर्मेन्द्र सिंह का जन्म 26 जनवरी 1979 को सोलन जिले के गांव बुगैहर कनेटा में हुआ था। मात्र 17.5 वर्ष की आयु में वह 3 पंजाब बटालियन में भर्ती हुए और 30 जून 1999 को कारगिल युद्ध में मातृभूमि के लिए वीरगति प्राप्त की।
कुलपति आचार्य महावीर सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारे आत्मसम्मान, एकता और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
