नूंह जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने साइबर थाना में तैनात होमगार्ड जवान इरफान अली और एक दलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कानून की रखवाली करने वाला जैसे ही कानून के शिकंजे में फंसा वैसे ही पुलिस विभाग में हडकंप मच गया। आरोप है कि इरफान अली ने जेल में बंद साइबर ठग के चालान पेश करने के बदले ठग की पत्नी से मोटी रकम की मांग कर डाली। जिसके बाद महिला ने इसकी शिकायत ACB टीम नूंह को दी और मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इसमें एक सब इंस्पेक्टर भी रडार पर है। 30 हजार में डील फाइनल खेल यहीं खत्म नहीं हुआ, पहले मांगे गए 50 हजार रुपए, फिर हुई मोलभाव की लंबी किस्तें और आखिरकार डील 30 हजार रुपए पर फाइनल हुई। महिला ने मजबूरी में पैसे देने के लिए हामी तो भर दी, लेकिन हिम्मत दिखाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को शिकायत कर दी। इसके बाद तैयार पूरा ट्रैप प्लान हुआ। अनाज मंडी में हुआ पूरा ऑपरेशन जैसे ही महिला ने तय रकम दलाल आबिद के जरिए इरफान अली तक पहुंचाई। उसी दौरान दोनों अनाज मंडी में गाड़ी में बैठकर नोट गिनने लगे। अनाज मंडी में ही साइबर थाना है, तभी ACB की टीम ने दोनों को धर दबोचा। दोनों को रंगेहाथ रिश्वत की रकम सहित पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में खलबली मच गई। ACB ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। घटना ने साबित कर गई कि भ्रष्टाचार का इलाज सिर्फ कार्रवाई है, चाहे खेल वर्दी में हो या बिना वर्दी के। रडार पर सब इंस्पेक्टर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन ने बताया कि एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को सूचना प्राप्त हुई थी कि इमरान निवासी मालब, जो 13 नवंबर 2025 से जेल में बंद है। साइबर क्राइम के दो मुकदमे इरफान पर दर्ज हैं। उसका जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर नरेंद्र, होमगार्ड इरफान अली और एक दलाल आबिद आरोपी की पत्नी पर चालान पेश करने की एवज में 50 हजार रुपए रिश्वत का दबाव बना रहे थे। बाद में 30 हजार सौदा तय हो गया। साइबर थाने के पास जब आरोपी पैसे लेने के लिए आए, तो एसीबी की टीम ने दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे कार्रवाई जारी है।
नूंह में रिश्वत का कैश गिनता होमगार्ड गिरफ्तार:30 हजार में डील, जेल में बंद ठग के चालान करने थे पेश; कस्टडी में दलाल
