मंदसौर के सीतामऊ थाना क्षेत्र के सुरजनी गांव में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर वाहिद उर्फ भय्यू लाला की हत्या उसकी पत्नी रुखसाना ने ही की थी। विशेष जांच दल (SIT) की जांच में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस ने साक्ष्य से छेड़छाड़ के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी पत्नी फिलहाल फरार है। जानकारी के मुताबिक 18 फरवरी को हिस्ट्रीशीटर की मौत हुई थी। परिवार ने कहा था कि पुलिस ने 6 लाख लेकर भी मार डाला, लेकिन आरोपों पर पुलिस ने कहा था कि पलंग पेटी में छिपा था, जहां दम घुटने से उसकी मौत हो गई। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद SIT की टीम ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर वाहिद उर्फ भय्यू लाला को गोली मारी गई थी। पुलिस की मारपीट और दम घुटने से नहीं, बल्कि गोली लगने से जान गई। गोली कान के पीछे लगी और आंख के पास से बाहर निकली। पति पत्नी में विवाद, गुस्से में पत्नी की फायरिंग एडिशनल एसपी हेमलता कुरील ने बताया कि वारदात वाले दिन पुलिस की दबिश के बाद भैय्यू लाला और पत्नी रुखसाना के बीच विवाद चल रहा था। इसी दौरान गुस्से में पत्नी रुखसाना ने 3.2 एमएम की पिस्टल से गोली मार दी। जांच में पता चला कि गोली लगने के बाद घर के भीतर फैले खून के निशान मिटाने की कोशिश सलमान और बबलू ने की थी। सलमान ने घटना में प्रयुक्त पिस्टल को छिपा दिया था। सलमान रुखसाना की बहन का बेटा है, जबकि बबलू भय्यू का साला है। गोली लगने के बाद परिजन उसे इलाज के लिए एक झोलाछाप डॉक्टर राजा बाबू के पास ले गए, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। प्रारंभिक जांच में ही उसकी मौत की पुष्टि हो गई थी, जिसके बाद परिजन शव को वापस ले गए। परिवार से जुड़े 20 से अधिक लोगों से पूछताछ के बार खुलासा हुआ है। घर में बंकर बनाया था, खून के धब्बे और बाल बरामद जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि भय्यू लाला के घर के एक कमरे में बिस्तर पेटी के नीचे सीमेंट से बना गुफानुमा बंकर तैयार किया गया था, जिसमें एक व्यक्ति आराम से छिप सकता है। पुलिस को इस बंकर के अंदर से खून के धब्बे और बाल भी बरामद हुए हैं। एडिशनल एसपी हेमलता कुरील ने बताया कि रुखसाना को मुख्य आरोपी बनाया है, जबकि सलमान और बबलू को सह-आरोपी के रूप में नामजद किया गया है। रुखसाना की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की है। अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। साक्ष्य से छेड़छाड़ के आरोप में सलमान खान निवासी सुवासरा और बबलू खान निवासी सुरजनी को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। मुख्य आरोपी रुखसाना फरार है। अवैध पिस्टल बरामद कर ली है। अब पढ़िए भय्यू लाला की मौत पर किसने क्या कहा था ? बेटा बोला- पापा पर कई केस, लेकिन ज्यादातर झूठे इसके पहले भय्यू के बेटे शाहिद ने पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा था- मेरे पापा पर कई केस थे, लेकिन ज्यादातर झूठे थे। वह कोर्ट में सरेंडर करने वाले थे, इसीलिए कुछ दिन पहले ही पुलिस अफसरों को 6 लाख रुपए देकर आए थे, ताकि कोई परेशानी न हो, लेकिन पुलिस ने धोखा दिया और उन्हें मार मार डाला। शाहिद ने घटना का जिक्र करते हुए बताया, पुलिस की टीम घर आई। करीब 15-20 जवान तीन घंटे तक घर में रहे। वे मुझे पुलिस की गाड़ी में बिठाकर गांव से दूर ले गए। वहां कोरे कागज पर साइन करा लिया। धमकाया कि मीडिया को कुछ बताया तो 10-20 साल के लिए जेल में डाल देंगे। पत्नी का आरोप- डेढ़ घंटे तक मारते रहे, मैं चीखती रही भय्यू की पत्नी रुखसाना ने बताया था कि ‘मैं और मेरे पति अंदर वाले कमरे में बैठे थे, तभी अचानक पुलिसवाले आ गए। टीआई साहब पलंग पर बैठकर बात कर रहे थे। अचानक उन्होंने एक जवान को डीवीआर की तरफ इशारा किया। इसके बाद जवान ने डीवीआर निकाल लिया। पुलिस वाले मेरे पति को घसीटकर एक कमरे में ले गए। पुलिस ने मुझे कमरे में बंद कर दिया। बाहर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया। अंदर से मेरे पति की चीखने की आवाजें आ रही थीं। पति को पीटते रहे, जब तक उनकी सांसें नहीं थम गई। मृतक वाहिद उर्फ भय्यू लाला की पत्नी रुखसाना ने पुलिस महकमें पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रुखसाना ने बताया कि 5-6 महीने पहले भी मैंने इनकी (पुलिस) शिकायत की थी। पिछले 1 महीने से हर दो से तीन दिन में 181 पर इनकी शिकायतें कर रह रही हूं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सीतामऊ पुलिस लाखों रुपए की मांग की। हर साल भय्यू पर फर्जी केस बनाती थी। SDOP, TI और अन्य पुलिसवालों पर हत्या का आरोप रुखसाना के मुताबिक महिला पुलिसकर्मियों ने घर से बाहर नहीं निकलने दिया। सीतामऊ एसडीओपी दिनेश प्रजापति, टीआई कमलेश प्रजापति सहित अन्य पुलिसकर्मी घर में आए थे। दो महिला पुलिस भी थी। करीब 2 से 3 घंटे तक ये घर में ही रहे। वह चिल्लाता रहा और इन्होंने उसे मार डाला। मुझे भी धमकाया कि तुझे थाने तक घसीटेंगे। बेटी की शादी के लिए करना चाहता था सरेंडर परिवार का कहना था है कि भय्यू अपनी बेटी की शादी करना चाहता था और एक सामान्य जीवन जीना चाहता था, इसलिए उसने पुलिस से सेटिंग कर कोर्ट में सरेंडर करने का फैसला किया था। वह इसी सिलसिले में बात करने के लिए सुरजनी आया था, लेकिन पुलिस ने उसे मार दिया। पुलिस का दावा- हत्या नहीं, हादसा वहीं सीतामऊ एसडीओपी दिनेश प्रजापति ने बताया था कि- ‘भय्यू लाला पर कई गंभीर केस दर्ज थे। वह 5 हजार रुपए का इनामी था। पुलिस उसकी तलाश में दबिश देने गई थी, लेकिन वह घर में नहीं मिला। बाद में हमें 112 इमरजेंसी नंबर से सूचना मिली कि भय्यू की मौत हो गई है। पुलिस ने दावा किया था कि जब टीम दबिश देने पहुंची तो उनसे बचने के लिए भय्यू घर में बने बेड के बॉक्स में छिप गया। पुलिस ने घर की तलाशी ली, जब वह नहीं मिला तो टीम लौट गई, लेकिन बेड में हवा न मिलने के कारण दम घुटने से उसकी मौत हो गई। अब जानिए कौन था भय्यू लाला, जिसे 3 राज्यों को थी तलाश पुलिस रिकॉर्ड में वाहिद उर्फ भय्यू लाला कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि ड्रग्स माफिया होने के साथ हिस्ट्रीशीटर लिस्ट में शामिल था। किसान परिवार से ताल्लुख रखता था। भय्यू को मप्र के अलावा महाराष्ट्र और राजस्थान की पुलिस तलाश रही थी। वाहिद उर्फ भय्यू लाला ने साल 2003 में अपराध की दुनिया में कदम रखा और फिर उसके खिलाफ साल दर साल लगातार अपराध दर्ज होते चले गए। 23 साल में उसके खिलाफ मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में लूट, डकैती, हत्या का प्रयास, अवैध हथियार और मादक पदार्थ तस्करी जैसे 19 गंभीर केस दर्ज हुए।
भय्यू लाला कैसे चलाता था सिंडिकेट? ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क: 19 में से 8 मामले अवैध मादक पदार्थ तस्करी के थे। वह मंदसौर-नीमच क्षेत्र में एमडी ड्रग्स का बड़ा तस्कर माना जाता था। मुंबई-ठाणे कनेक्शन: 11 जनवरी 2026 को मुंबई और ठाणे पुलिस ने जावरा से 10 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की थी। मंदसौर के मनोहर गुर्जर और जाजू सुल्तान को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन भय्यू लाला फरार होने में कामयाब हो गया था, तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। नाबालिगों का इस्तेमाल : भय्यू पैसों का लालच देकर नाबालिग और कॉलेज के छात्रों को अपने ड्रग्स नेटवर्क में इस्तेमाल करता था, ताकि पकड़े जाने पर उन्हें कानूनी राहत मिल सके। हाल ही में एमडी ड्रग्स के साथ पकड़े गए कई युवकों ने उसका नाम लिया था। ये खबर भी पढ़ें… हिस्ट्रीशीटर भय्यू लाला की संदिग्ध हालात में मौत:मंदसौर में दबिश के दौरान बेड में लाश मिलने का दावा मंदसौर जिले के सुरजनी गांव में बुधवार रात कुख्यात हिस्ट्रीशीटर तस्कर वाहिद उर्फ भय्यू लाला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। भय्यू लाला को 3 राज्यों की पुलिस तलाश रही थी। बताया जा रहा है कि पुलिस की दबिश के दौरान वह बचने के लिए घर में रखे दीवान (बॉक्स वाले बेड) के अंदर छिप गया था, जहां दम घुटने से उसकी जान चली गई। पढ़ें पूरी खबर…
हिस्ट्रीशीटर भय्यू लाला को पत्नी ने मारी थी गोली:SIT जांच में खुलासा; बेटा बोला था- पुलिस ने 6 लाख लेकर भी मार डाला
