हरियाणा के रेवाड़ी में 19 वर्षीय विकास के सुसाइड में खुलासा हुआ है। विकास जेईई-मेन्स एग्जाम पास करके बीटेक करना चाहता था और उसका इंजीनियर बनने का सपना था। 12वीं कक्षा में स्कूल में टॉप करने के बाद, वह घर पर रहकर ही तैयारी कर रहा था। 4 फरवरी को उसने घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। उसने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें उसने लिखा था, “हां, मैं सुसाइड कर रहा हूं और इसके लिए मैं खुद जिम्मेदार हूं। गुडबॉय लाइफ।” परिवार के लोग हैरान हैं कि विकास ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। उसकी स्कूल टीचर का कहना है कि स्कूल के दिनों में वह हमेशा कहता था कि वह एक सफल इंसान बनकर अपने घर की स्थिति को सुधारना चाहता है। विकास के चाचा मनोज ने बताया कि 4 फरवरी को जेईई-मेन्स की आंसर की आई थी, जिसके बाद से ही विकास परेशान था। परिवार के लोग इससे ज्यादा कुछ नहीं कह रहे। स्कूल में नॉन मेडिकल में टॉपर विकास रेवाड़ी जिले के ढ़ालियावास गांव का रहने वाला था। उसके घर में पिता बलबीर हैं, जो खेती-बाड़ी करते हैं। बड़ा भाई गुरुग्राम की एक कंपनी में नौकरी करता है। मां हाउस वाइफ है। विकास ने 2025 में बिठवाना गांव के सरकारी स्कूल से 12वीं पास की थी। नॉन मेडिकल स्ट्रिम में उसके 87 प्रतिशत नंबर आए थे। वह स्कूल में नॉन मेडिकल स्ट्रिम का टॉपर था। 20 अप्रैल को मामा के घर शादी विकास के मामा के घर 20 फरवरी को शादी है। विकास की मां अपने घर गई थी। उन्होंने विकास को भी साथ चलने को कहा था, लेकिन उसने साथ जाने से इनकार कर दिया। विकास ने अपने मामा से फोन पर बात कर कहा था कि बड़े भाई के आने के बाद कपड़े लेकर आऊंगा। इसके बाद मैं भी शादी में शामिल होऊंगा। पिता की आंखों से नहीं रुक रहे आंसू विकास की मौत के करीब 3 दिन बीतने के बाद पिता की आंखों के आंसू नहीं सुख रहे हैं। जब लोग विकास की मौत पर शोक व्यक्त करने पहुंच रहे थे तो एक कोने में बैठे विकास के पिता की आंखों से आंसू बह रहे थे। परिवार के सदस्य उन्हें बार-बार समझाने का प्रयास कर रहे थे। अब जानिए विकास ने कैसे किया सुसाइड… पिता टहलने गए, मां मामा के घर थी 4 फरवरी को विकास घर पर अकेला था। उसके पिता बलबीर गांव में टहलने की बात कहकर गए थे, जबकि उसकी मां मामा के घर गई हुई थी। उसका बड़ा भाई ड्यूटी पर गया हुआ था। विकास ने मकान का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। उसने अलमारी से कपड़े निकाले और बेड से गद्दा उठाकर बेड पर रखा। फिर टेबल का सहारा लेकर अलमारी पर चढ़ा और पंखा लगाने वाले हुक में रस्सी डालकर पहले फंदा बनाया और फिर नीचे कूद गया। समर्सिबल की बची रस्सी का इस्तेमाल विकास के पिता घर पर लगे समर्सिबल में डालने के लिए प्लास्टिक की नई रस्सी लेकर आए थे। समर्सिबल में डबल रस्सी डालने के बाद, एक छोटा सा टुकड़ा बच गया था, जिसे उन्होंने संभालकर घर में रख लिया था। विकास ने उसी बचे हुए रस्सी के टुकड़े से फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पिता आए तो दरवाजा बंद मिला टहलने के बाद जब उसके पिता घर आए तो उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद पाया। उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो विकास फंदे पर झूल रहा था। विकास के पिता ने तुरंत मॉडल टाउन थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घर का दरवाजा तोड़ा और शव को फंदे से नीचे उतारा।
इंजीनियर बनने का सपना टूटा, गुडबॉय लिखकर सुसाइड:रेवाड़ी में जेईई मेंस की आंसर-की आने के बाद फांसी लगाई, कहता था- घर के हालात सुधारूंगा
