ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों में स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान और आजादी की लड़ाई का उल्लेख किया जाना चाहिए, अन्यथा जल्द ही सब इतिहास को भूल जाएंगे। इसके अलावा तहसील स्तर पर कार्यालयों में स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी, चित्र आदि और उनके नाम से खेलकूद व शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया जाने चाहिए।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों की उपेक्षा से खफा
