फरीदाबाद जिले में सरकारी नौकरी में फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने पहचान बदलकर और कथित फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर लंबे समय तक शिक्षा विभाग में नौकरी करने वाले एक रिटायर टीचर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सराय ख्वाजा के प्रिंसिपल की शिकायत पर की गई है। वर्ष 2004 में किया ज्वाइन प्रिंसिपल कैलाश चंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी शिक्षक ललित भारद्वाज ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर वर्ष 2004 में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के माध्यम से एसएस टीचर के पद पर ज्वाइन किया था। जांच के दौरान सामने आया कि उसके शैक्षणिक रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं हैं। सीएम विंडो पर हुई शिकायत रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि आरोपी की दसवीं, बारहवीं और स्नातक (बीए) तक की पढ़ाई लालाराम पुत्र शिव कुमार के नाम से दर्ज है। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब वर्ष 2020 और 2021 में सीएम विंडो के माध्यम से लगातार शिकायतें दर्ज की गई। सेना में सेवा देने के दौरान डिग्री हासिल विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि ललित भारद्वाज, जिसका पूर्व नाम लालाराम बताया गया है, वर्ष 1987 से 1999 तक भारतीय सेना में लिपिक के पद पर कार्यरत रहा। आरोप है कि सेना में सक्रिय सेवा के दौरान ही उसने वर्ष 1994 में शिलॉन्ग, मेघालय से बीएड की डिग्री हासिल कर ली, जो नियमों और सेवा शर्तों के खिलाफ है। जांच अधिकारियों को उसकी बीएड डिग्री में भी कई खामियां मिलीं। डिग्री में पिता का नाम दर्ज नहीं है और यह डिग्री बीए की योग्यता के आधार पर नहीं ली गई, जिससे दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी बल्लभगढ़ और शिक्षा निदेशालय स्तर पर की गई विस्तृत जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि आरोपी ने अपनी पहचान और शैक्षणिक योग्यताओं से संबंधित दस्तावेजों में हेरफेर किया है। इसके बाद सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने आरोपी ललित भारद्वाज के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नही किया है।
20 साल टीचर की नौकरी कर छिपाई पहचान:फरीदाबाद में सरकारी नौकरी में फर्जीवाड़ा, प्रिंसिपल की शिकायत पर केस दर्ज
