पानीपत शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख मार्गों में से जाटल पर रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक प्राइम लोकेशन पर गुप्त कैमरा लगे होने की सूचना मिली। भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह जासूसी उपकरण मिलने से इलाके के दुकानदारों और राहगीरों और स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। मौके पर पुलिस बल के साथ तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों की एक टीम भेजी गई। इंजीनियरों की मदद से पुलिस ने बहुत ही सावधानी पूर्वक कैमरे को उस स्थान से निकाला। पुलिस ने उपकरण को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित कर लिया है और इसकी विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है। जासूसी के पीछे बड़ा मकसद होने की आशंका प्रारंभिक जांच में जिस तरह से कैमरे को फिट किया गया था, वह किसी गहरी साजिश या जासूसी की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कैमरा लगाने के पीछे का कारण चौंकाने वाला हो सकता है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इसका इस्तेमाल किसी विशेष व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा था या इसके पीछे कोई और आपराधिक मंशा थी। CCTV और स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू पुलिस की टीमें अब इलाके में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कैमरा कब और किस समय वहां लगाया गया था। मौके पर मौजूद लोगों और दुकानदारों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कैमरे की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि इसमें डेटा कैसे स्टोर हो रहा था या इसे कहीं दूर से ऑपरेट किया जा रहा था। दोषियों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पानीपत में पहले भी पकड़ा जा चुका पाकिस्तानी जासूस नोमान इलाही बता दें कि, करीब 11 माह पहले पानीपत से पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले युवक नोमान इलाही निवासी हाली कॉलोनी को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया था कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले में कैराना के मोहल्ला बेगमपुरा का रहने वाला है। तलाशी के दौरान उससे एक रेडमी का मोबाइल मिला। नोमान के वॉट्सऐप पर पाकिस्तानी आतंकी इकबाल की तरफ से वॉयस मैसेज आए हुए थे। वॉयस मैसेज की रिकॉर्डिंग में पाया गया कि “दुश्मन देश पाकिस्तान की तरफ से नोमान इलाही से बात करने वाला व्यक्ति मुख्य रेलवे स्टेशन पर जाकर गुरदासपुर और पठानकोट की तरफ आने वाली ट्रेनें, जिनमें फौज और फौज का सामान हो, उनके बारे में बताने को कह रहा है। नोमान इलाही ने पुलिस को बताया था कि इस नंबर के अलावा वह 3 और पाकिस्तानी नंबरों पर इकबाल से बात करता है। इस काम के बदले उसने पाकिस्तान से दो अलग-अलग माध्यमों से पैसे प्राप्त किए हैं। उसने भारत की खुफिया जानकारी इकबाल को दी है। वह, कई बार पाकिस्तान भी जा चुका है।
पानीपत में प्राइम लोकेशन पर मिला हिडन कैमरा:जासूसी की खबर से मचा हड़कंप; पुलिस और इंजीनियरों की टीम जांच में जुटी
