मंडी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, झलोगी के पास एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त

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रविवार को तो पूरा दिन लगातार बारिश होती रही। न तो सूर्य देव के दर्शन हुए और न लोग ही घरों से बाहर निकलने की हिम्मत कर सके। एक तरह से आम जिंदगी पूरी तरह से चरमरा गई है। मंडी कुल्लू मार्ग के बंद होने से हजारों की तादाद में वाहन जगह जगह फंसे हुए हैं। सेब सब्जियां भी ट्कों व छोटे वाहनों में पड़ी पड़ी बर्बाद हो गई हैं। इस आपदा ने घाटी के बागवानों व किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। सब्जियां सेब फेंकने की नौबत आ चुकी है। इससे पहले कभी बरसात का दौर इतना लंबा नहीं चला। जिस तरह से यह मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है इसे सही करने में महीनों का समय लग जाएगा।

मंडी के झलोगी के पास रविवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। यहां क्षतिग्रस्त सड़क से गुजर रही एक एम्बुलेंस अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में एम्बुलेंस चालक घायल हो गया, गनीमत यह रही कि वाहन ब्यास नदी में समाने से कुछ ही दूरी पर रुक गया। एम्बुलेंस कुल्लू से मरीज को नेरचौक मेडिकल कॉलेज छोड़कर वापस लौट रही थी। हादसे के समय एम्बुलेंस में कोई मरीज या अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। जैसे ही एम्बुलेंस झलोगी के पास क्षतिग्रस्त हिस्से से गुजरी, संतुलन बिगड़ गया और सड़क से लुढ़कते हुए खाई में जा गिरी। आसपास से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों ने तुरंत पुलिस को हादसे की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस व स्थानीय लोगों की मदद से चालक को बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार दिलाया गया। बाद में रिकवरी वैन की मदद से एम्बुलेंस को खाई से बाहर निकाला गया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए फोरलेन पर जाम जैसी स्थिति भी बन गई।

रविवार को लगातार हो रही भारी वर्षा और भूस्खलन से मंडी-मनाली एनएच-21 जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। कई स्थानों पर सड़क धंसने और मलबा गिरने से वाहन चालकों को रोजाना खतरों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त हिस्सों की तुरंत मरम्मत की जाए, ताकि इस तरह के हादसों पर रोक लग सके।