इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील एन हरिहरन ने याचिकाकर्ता चैतन्य बघेल की तरफ से पैरवी की। वहीं न्यायालय से सेंट्रल जेल में बंद चैतन्य के स्वास्थ्य जांच, स्वच्छ पानी को लेकर मांग रखी। जिसपर अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कहना है कि उन्हें तेज बुखार और स्वच्छ पानी को लेकर समस्या है। अभियुक्त न्यायिक हिरासत में है, याचिकाकर्ता इस मामले में ट्रायल कोर्ट में एक आवेदन पेश करें। अदालत ने ये भी कहा कि हालांकि याचिकाकर्ता की तरफ से बीमार होने का कोई दस्तावेज नहीं दिया गया है।उच्च न्यायालय ने परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ईडी और जेल सुपरिंटेंडेंट को निर्देश देते हुए कहा है कि इस मामले को सत्यापित करने के बाद नियम और कानून के तहत काम करें। सुनवाई के दौरान चैतन्य बघेल के मामले में ईडी प्रवर्तन निदेशालय को 2 सप्ताह का समय देते हुए जवाब पेश करने कहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की याचिका पर आज छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई , ईडी को सप्ताह में जवाब पेश करने का आदेश
