हरियाणा में भिवानी जिले का गांव संडवा। इस गांव के रहने वाले दो चचेरे भाई सुमित और अनुज पूरे भारत में छाए हुए हैं। वजह- इनका नया हरियाणवी गाना बैरण। इस गाने में अनुज ने अपनी आवाज दी है, जबकि सुमित ने म्यूजिक कंपोज किया। सुमित भी म्यूजिक कंपोज करने के साथ-साथ सिंगिंग करते हैं। बैरण गाने को यूट्यूब पर अभी तक 67 मिलियन लोग देख चुके हैं। खास बात यह है कि यह गाना बिलबोर्ड इंडिया की लिस्ट में तीन हफ्तों से टॉप पर है। वीडियो में एनिमेटेड लव स्टोरी दिखाई गई है। गाने के बोल हैं- “हो, मन्नै सांभ-सांभ राखे तेरे झांझरा के जोड़े। मेरी गेल रो-रो ये भी छोरी बावले से होरे। मन्नै आए जावै ख्याल तेरे, खाए जावै ख्याल तेरे। जीण कोन्या देती, हाय बैरी तन्हाई मन्नै।” अनुज और सुमित बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही गाना गाने का शौक है। 2019 में जब कोरोना लॉकडाउन लगा तो सिंगिंग में करियर बनाने की ठानी। अपना खुद का यूट्यूब चैनल बनाया। उन्होंने अभी तक 6 गाने रिलीज किए हैं। पहले पांच गाने हिट नहीं हुए। छठे गाने बैरण ने उन्हें बुलंदियों पर पहुंचा दिया। बिलबोर्ड पर गाना रैंक करने के बाद उन्हें मुंबई से कई बड़ी म्यूजिक कंपनियों से ऑफर आए। हालांकि उन्होंने अभी किसी को हां नहीं की। हरियाणा में मासूम शर्मा, केडी से लेकर पंजाबी सिंगर दिलप्रीत ढिल्लों ने भी उन्हें साथ काम करने का ऑफर दिया। पहले सुमित और अनुज के बारे में जानिए…. सुमित के पिता PTI, भाई असिस्टेंट प्रोफेसर सुमित का जन्म 20 अप्रैल 1998 में हुआ। उनके पिता सत्यवान PTI टीचर हैं। उन्होंने अंबाला पॉलिटेक्निक से मैकेनिक ट्रेड में कोर्स किया। उसके बाद हिसार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से एग्रीकल्चर में बीटेक पास की। सुमित भी गाना गाने के साथ म्यूजिक कंपोज करते हैं। उनका छोटा भाई असिस्टेंट प्रोफसर है। अनुज के पिता JBT टीचर अनुज का जन्म 30 अगस्त 2002 को हुआ। इनके पिता राजेंद्र सिंह JBT टीचर हैं। अनुज की एक बड़ी बहन भी है। उन्होंने JRF क्वालीफाई किया हुआ है। अनुज जब तीसरी क्लास में थे तो उन्होंने स्टेज पर ‘यशोमती मैया से बोले नंदलाला’ भजन गया था। इसके बाद स्कूल टाइम में वह अलग-अलग प्रोग्रामों में हिस्सा लेने लगे। अनुज ने आठवीं क्लास में म्यूजिक में करियर बनाने की ठान ली। सरकारी नौकरी की कोशिश की अनुज बताते हैं कि उन्हें सिंगर बनना था। तब परिवार ने कहा कि पढ़ाई बेहद जरूरी है। इसलिए वे उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में MA की। इसके बाद नेट का एग्जाम भी क्रैक किया। सरकारी नौकरी की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद म्यूजिक में ही अपना करियर बनाने की ठान ली। अब जानिए कैसे शुरू हुई सिंगर बनने की कहानी…. कोविड में गाने की शुरुआत, हारमोनियम खरीदा अनुज ने बताया कि 2019 में कोविड आने के दौरान गाने की सही शुरुआत हुई। सुमित और मैंने मिलकर हारमोनियम और कंप्यूटर खरीदा। हालांकि, दोनों को हारमोनियम चलाना नहीं आता था। धीरे-धीरे यूट्यूब से सीखने की कोशिश की, लेकिन प्रॉपर तरीके से नहीं सीख पाए। पहले गाने के 40 हजार दिए, पसंद नहीं आया सुमित ने बताया कि उन्होंने 2019 में एक गाना लिखा था। वे अपने पहले गाने को कंपोज कराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अपने परिवार से 40 हजार रुपए मांगे। उन्होंने हिसार में एक म्यूजिक प्रोड्यूसर से गाना तैयार करवाया, लेकिन उन्हें म्यूजिक पसंद नहीं आया। वे चाहते थे कि उनके लिरिक्स हर दिल तक पहुंचें। वे अपनी भावना को म्यूजिक प्रोड्यूसर तक ठीक से नहीं पहुंचा पाए, जिसकी वजह से मिसकम्युनिकेशन हुआ और गाना बेहतरीन नहीं बन पाया। इसके बाद 5 और गाने रिलीज किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। 28 नवंबर 2024 को पहला गाना रिलीज किया सुमित ने बताया कि 2024 में उन्होंने यूट्यूब पर बंजारा के नाम से चैनल बनाया। इसी ऑफिशल चैनल से अपने गाने रिलीज करने शुरू कर दिए। 28 नवंबर 2024 में ‘सूट्स विद मी’ पहला गाना रिलीज किया। उसके बाद उन्होंने दूसरा गाना ‘डिफरेंट टॉक’, आशिक आवारा, मौज, हाय रै और छठ गाना बैरण रिलीज किया। बैरण गाना लिखने से लेकर एनिमेटेड वीडियो रिलीज करने में डेढ़ साल का समय लगा। उन्होंने बार-बार इसके लिरिक्स बदले। चंडीगढ़ में शूटिंग हुई, लेकिन पसंद नहीं आई अनुज ने बताया कि गाने का वीडियो चंडीगढ़ में शूट किया था, लेकिन पसंद नहीं आया और रिजेक्ट कर दिया। 23 जनवरी 2026 को ऑडियो सॉन्ग रिलीज किया। लोग इस गाने को पसंद करने लगे। उन्होंने सोचा कि इसके वीडियो में कुछ ऐसा करना है, जिसे लोग फील कर पाएं। इसलिए एनिमेटेड वीडियो लगाने का प्लान आया। 13 फरवरी 2026 को एनिमेटेड वीडियो रिलीज किया। 50 हजार में हुआ था गाना तैयार सुमित ने बताया कि अभी तक रिलीज सभी छह गानों में एक स्टोरी दिखाई गई है। उनका म्यूजिक एक सफर दिखाता है। बंजारा जाति में भी यह चीज कॉमन होती है और हमारी म्यूजिक में भी यह बात बड़ी थी, इसीलिए चैनल का नाम बंजारा रखा। 17 मार्च 2026 को बैरण गाना बिलबोर्ड इंडिया की टॉप रैंकिंग में आया। बैरन गाने का म्यूजिक पंचकूला में रोनी ने तैयार किया। 50 हजार में पूरा गाना तैयार हुआ। पहले पांच गाने नहीं चले, लेकिन छठे गाने ने दोनों भाइयों को बुलंदियों तक पहुंचा दिया। पंजाब और बॉलीवुड से भी ऑफर आए अनुज ने बताया कि बिलबोर्ड इंडिया की नंबर वन रैंकिंग में आने के बाद हरियाणा, पंजाब और बॉलीवुड से उन्हें लगातार ऑफर आ रहे हैं। उनकी मुंबई में एक बड़ी कंपनी के साथ भी बातचीत हुई, लेकिन वहां पर ठीक नहीं लगा और इसलिए काम नहीं किया। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा, केडी, अमित सैनी रोहतकिया की तरफ से भी साथ काम करने के लिए ऑफर आए। पंजाब से दिलप्रीत ढिल्लों की तरफ से भी ऑफर मिला। हरियाणा और पंजाब की इंडस्ट्री से काफी सपोर्ट भी मिल रहा है। लोग ताने मारते थे, कहते- इसमें कुछ नहीं रखा अनुज ने बताया कि कोरोना में लॉकडाउन के दौरान जब उन्होंने गाने बनाना शुरू किया, तो कुछ लोग उनसे कहते थे कि गानों में कुछ नहीं रखा है। माता-पिता को भी यही कहते थे कि बच्चों को पढ़ा-लिखाकर आगे बढ़ाओ, क्योंकि गाने के क्षेत्र में सबको कामयाबी नहीं मिलती, लेकिन उन्हें माता-पिता का हमेशा सपोर्ट मिला। दोनों भाइयों ने हार नहीं मानी, और जब उनका छठा गाना ‘बैरण’ ऊंचाइयों पर पहुंचा, तो आज हर कोई उनके घर पर पहुंचकर उन्हें बधाई दे रहा है।
बिलबोर्ड पर छाए हरियाणवी सिंगर भाइयों की कहानी:बैरण सॉन्ग में एनिमेटेड लव स्टोरी दिखाई; कोरोना में गाना शुरू किया, अब मुंबई से भी ऑफर
