हरियाणा पुलिस-किसानों के बीच झड़प:अंबाला में किसानों के टैंट उखाड़े, कई हिरासत में लिए; नेशनल हाईवे जाम करने पहुंचे

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अंबाला में किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। निर्माणाधीन रिंग रोड से खेतों में जाने का रास्ता देने की मांग को लेकर किसान 10 दिन से धरने पर बैठे थे। पुलिस ने उनके तंबू उखाड़ दिए। कई किसानों को हिरासत में ले लिया। गुस्से में किसान अंबाला- जगाधरी नेशनल हाईवे जाने करने पहुंच गए। फिलहाल हाईवे पर भी भारी पुलिस बल तैनात है। वहीं पुलिस ने रिंग रोड के रास्ते से किसानों की खाट भी उठा ली। धरनास्थल खाली कराकर दोबारा काम चालू करा दिया। किसानों का कहना है कि NHAI से बात भी चल रही थी। हालांकि कोई समझौता नहीं हो सका। रिंग रोड बनने से उनके खेतों को जाने का रास्ता नहीं बचेगा। बरसाती पानी की निकासी में भी दिक्कत होगी। गुरुवार को 5 गांव के किसान एनएचएआई से कोई आश्वासन ने मिलने के बाद मशीनों की घेराबंदी करने लगे। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई। पुलिस और किसानों में झड़प शुरू हो गई। पुलिस ने किसानों को खदेड़ते हुए बसों में बैठाना शुरू कर दिया। जानिए….क्या है पूरा विवाद और झड़प की स्थिति क्यों हुई हल न होता देख किसानों ने मशीनें घेरी
कई दिनों से चल रहे धरने से कोई हल न होता देख गुरुवार को किसानों ने रिंग रोड निर्माण में लगी मशीनों का घेराव शुरू कर दिया। मामला बिगड़ता देख एनएचएआई ने अंबा, महेशनगर और साहा थानों से पुलिस बुला ली गई। इसके बाद पुलिस किसानों को खदेड़ना शुरू कर दिया। कुछ किसानों को बस में बैठा लिया। जिससे मामला और बिगड़ गया। इसके बाद किसान नेशनल हाईवे की ओर कूच करने लगे। NHAI ने काम शुरू करवाया
किसानों का धरना उखाड़ने के बाद NHAI ने यहां तेजी से काम शुरू करवा दिया। जनवरी के दूसरे सप्ताह में भी किसानों ने रिंग रोड का काम रुकवा दिया था। अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे थे कि धरना खत्म हो जाए। रिंग रोड को समय पर पूरा करने का दबाव है। गुरनाम चढ़ूनी मौके पर पहुंचे
शाम करीब 5 बजे भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी भी मौके पर पहुंच गए। चढ़ूनी ने कहा कि किसानों के साथ धक्का नहीं होने देंगे। इससे पहले उन्होंने मंगलवार को महापंचायत की घोषणा की थी। सोशल मीडिया पर भी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पंचायत में पहुंचने की अपील की।