हरियाणा आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में चंडीगढ़ पुलिस ने केस से जुड़े पचास से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कर लिए हैं। मामले की जांच कर रही चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी ने तत्कालीन रोहतक के एससी नरेंद्र बिजराणियां के भी बयान दर्ज कर लिए हैं। अब एसआईटी ने दिवंगत आईपीएस के फाइनल नोट में शामिल 14 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। अब एसआईटी ने केस से जुड़े गवाहों के बयान दर्ज कर फाइनल रिपोर्ट बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी इसकी रिपोर्ट चंडीगढ़ पुलिस महानिदेशक (DGP) डॉ सागर प्रीत हुड्डा को सौप देगी। 14 आईएएस-आईपीएस हो चुके जांच में शामिल चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी के सूत्रों के अनुसार अब तक आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में 14 आईएएस और आईपीएस अधिकारी जांच में शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा एसआईटी ने 50 से अधिक गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं। जिसमें अधिकतर रोहतक के पुलिसकर्मचारी शामिल हैं। एसआईटी ने फाइनल नोट के आधार पर हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी, रोहतक के पूर्व एसपी नरेंद्र बिजराणियां, डीजीपी शत्रुजीत कपूर समेत सभी अधिकारियों को जांच में शामिल किया है। 15 अधिकारियों का नाम फाइनल नोट में शामिल सुसाइड करने करने वाले आईपीएस पूरन कुमार ने अपने फाइनल नोट में कुल 15 अधिकारियों का जिक्र किया था, जिनमें से 11 पर गंभीर रूप से परेशान करने के आरोप लगाए थे। एसआईटी रोहतक में दर्ज एफआईआर की जांच में जुटी 6 अक्टूबर रात को सुशील को रोहतक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस पर शराब कारोबारी प्रवीण बंसल से ढाई लाख रुपए प्रति माह रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। गिरफ्तारी के अगले दिन सात अक्टूबर को चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर वाई पूरण कुमार ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। एसआईटी ने 29 दिसंबर को दोपहर करीब दो बजे से रात 12 बजे तक रोहतक पुलिस के डीएसपी, एसएचओ व शराब ठेकेदार से कई घंटे पूछताछ की थी। यहां पढ़िए आईपीएस फाइनल नोट का जिस्ट… 9 पेज का आईपीएस ने लिखा सुसाइड नोट : वाई पूरन कुमार ने सुसाइड करने से पहले 9 पेज का फाइनल नोट लिखा था। इसमें से 8 पेजों में उन्होंने अपने साथ हुई प्रताड़ना की कहानी बयां की। लास्ट पेज मेंं अपनी पत्नी और हरियाणा की वरिष्ठ IAS अफसर अमनीत पी कुमार के नाम वसीयत लिखी। नोट में 3 आईएएस-12 आईपीएस अफसर के नाम : यह नोट इंग्लिश में टाइप किया गया और इसके आखिर में हरे पेन से साइन किए गए हैं। फाइनल नोट पर 7 अक्टूबर की तारीख लिखी है। इस नोट में प्रदेश के जो 15 नाम लिखे गए हैं, उनमें तीन IAS और 12 IPS अफसर हैं। इनमें से 4 अफसर रिटायर हो चुके हैं, जबकि 11 अभी भी हरियाणा सरकार में सीनियर पदों पर तैनात हैं। जो 4 अफसर रिटायर हुए हैं, उनमें से भी तीन महत्वपूर्ण पदों पर एडजस्ट हो चुके हैं।
हरियाणा आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस:आईएएस बिजराणियां के बयान दर्ज; SIT ने 50 गवाह बनाए, DGP को सौपेगी फाइनल रिपोर्ट
