फारबिसगंज प्रखंड के परवाहा पंचायत के वार्ड नंबर 10 निवासी विनोद यादव की हरियाणा के करनाल में गुरुवार को दर्दनाक मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विनोद यादव हरियाणा करनाल के न्यू असंध मंडी में एक ट्रैक्टर-ट्रेलर पर मजदूरी का काम करता था। काम के दौरान वह ट्रैक्टर के पीछे डाला खोल रहा था, इसी बीच ट्रैक्टर और ट्रेलर के बीच में फंस गया और उनका पेट फट गया। गंभीर अवस्था में करनाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
विनोद यादव की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव परवाहा पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है। बताया जाता है कि विनोद यादव अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए हरियाणा गया था। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, जिससे मजबूर होकर उन्हें मजदूरी करने बाहर जाना पड़ा था।
यह घटना एक बार फिर बिहार में पलायन की गंभीर समस्या को उजागर करती है। विधानसभा चुनाव के माहौल में जहां सभी प्रत्याशी जनता के बीच वादों की बरसात कर रहे हैं, वहीं हकीकत यह है कि पलायन रुकने का नाम नहीं ले रहा।
बिहार के हजारों युवा और मजदूर आज भी रोजगार की तलाश में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात जैसे राज्यों में जाने को मजबूर हैं।स्थानीय लोगों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि बिहार में जल्द से जल्द उद्योग-धंधे और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं ताकि लोगों को बाहर जाने की मजबूरी से राहत मिल सके।
मृतक के परिवार में छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनका भविष्य अब अनिश्चितता में घिर गया है।
