ग्वालियर-चंबल में ओले, भोपाल-जबलपुर में गिरेगा पानी:MP के आधे हिस्से में अलर्ट; आज से 5 दिन आंधी-बारिश वाला मौसम

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मध्य प्रदेश में मार्च के आखिर में एक बार फिर मजबूत मौसम सिस्टम एक्टिव हो गया है। रविवार को ग्वालियर समेत कई जिलों में बादल और हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से इसका असर और बढ़ेगा, जो अगले 4 से 5 दिनों तक बना रहेगा। अगले 24 घंटों में ग्वालियर-चंबल संभाग के भिंड और दतिया जिलों में ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं भोपाल, जबलपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और बादल छाए रहेंगे। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय हैं, जिससे मौसम तेजी से बदल रहा है। अगले 4 दिन तक पूरे प्रदेश में असर 30 मार्च से शुरू हुआ यह सिस्टम लगभग पूरे प्रदेश को कवर करेगा। ग्वालियर, चंबल, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के अधिकतर जिलों में 2 अप्रैल तक मौसम बदला रहेगा। दिन में गर्मी से राहत मिलेगी
आंधी-बारिश का दौर रहने की वजह से दिन के तापमान में गिरावट होगी। वर्तमान में अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री या इससे अधिक है। रविवार को मंडला में पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री रहा। मंडला, नौगांव में 39 डिग्री, दतिया में 38.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 38.3 डिग्री, खरगोन-सतना में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी, गुना-उमरिया में 38 डिग्री, टीकमगढ़ में 37.8 डिग्री, रतलाम-दमोह में 37.6 डिग्री, मलाजखंड में 37.5 डिग्री, रीवा, नरसिंहपुर-रायसेन में 37.4 डिग्री और छिंदवाड़ा में 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 37.5 डिग्री, भोपाल में 36.6 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.2 डिग्री और उज्जैन में पारा 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मार्च में चौथी बार बदला मौसम
मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। अब तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार रविवार से मौसम ने फिर करवट बदली है। यह सिस्टम अप्रैल के पहले सप्ताह में भी असर दिखाएगा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे
इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। अप्रैल-मई में तेज गर्मी पड़ेगी
मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड… भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भी
उज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।