एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन रविवार को खिलाड़ियों के साथ खेल मैदान पहुंचे और वहां की बदहाल स्थिति को देखकर विरोध जताया। राजा देवांगन ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के आगमन से पहले नगर निगम, पीडब्ल्यूडी सहित तमाम विभाग चौबीस घंटे काम करते दिखाई दिए, लेकिन अब वही सक्रियता गायब है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री के कार्यक्रम को लेकर 12 दिनों तक खिलाड़ियों को मैदान से दूर रखा गया, लेकिन कार्यक्रम के बाद उसकी सफाई तक नहीं की गई, जो खिलाड़ियों के साथ सरासर अन्याय है। उन्होंने मैदान में चल रहे बॉक्स क्रिकेट संचालन पर भी आपत्ति जताई, जिसमें 300 रुपये प्रति घंटा वसूले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मैदान खिलाड़ियों का है, न कि किसी व्यवसायिक लाभ कमाने का साधन। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन केन्द्रीय मंत्री के कार्यक्रम जैसी तत्परता जनता के कामों में भी दिखाए, तो धमतरी वास्तव में आदर्श जिला बन सकता है। निरीक्षण के दौरान खिलाड़ियों ने भी मैदान की समस्याओं को रखा और तत्काल सुधार की मांग की।
सफाई नहीं होने पर कचरा महापौर के घर के बाहर छोड़ आएंगे
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 नवंबर तक पूरा मैदान साफ़ नहीं किया गया, तो एनएसयूआई और खिलाड़ी स्वयं सफाई अभियान चलाएंगे और निकला हुआ कचरा महापौर एवं जिम्मेदार अधिकारियों के घर के बाहर छोड़ आएंगे। जनप्रतिनिधियों और विभागों की यह कार्यशैली साफ़ दर्शाती है कि शहर में विकास कार्य केवल नेताओं के दौरों के समय ही तेज़ होते हैं, जबकि आम जनता और खिलाड़ियों की वास्तविक जरूरतें अनदेखी की जाती हैं।
