रेवाड़ी जिले के गांव ढाणी ठेठरबाढ़ में एक व्यक्ति ने अपनी डेढ़ साल की पोती को जेसीबी के सामने फेंक दिया। व्यक्ति ने गांव में पंचायती जमीन से कब्जा हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम का विरोध में यह कदम उठाया। इससे गांव में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने इस वारदात को कैमरे में कैद कर लिया। जिसका वीडियो अब सामने आया है। ताज्जुब की बात यह है कि बच्ची के दादा ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट, पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों की मौजूदगी में दिल दहला देने वाली इस वारदात को अंजाम दिया। इसके बावजूद आरोपी के खिलाफ करीब एक सप्ताह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। घटना 17 फरवरी की बताई जा रही है। पढ़िए वीडियों में क्या दिख रहा… पुत्रवधू से छीनकर JCB के आगे फेंकी बच्ची माता मंदिर के लिए होली चौक पर पंचायत जेसीबी से काम करवा रही थी। दोपहर को उदय सिंह की छोटी पुत्रवधू अपनी बेटी को गोद में लेकर मौके पर खड़ी थी। उदय सिंह अचानक घर से निकला और तेज कदमों से दौड़ता हुआ पुत्रवधू के पास पहुंचा। उसकी गोद से डेढ़ साल की पोती को छीना और जेबीबी के आगे खुदाई वाली टूल पर पटक दिया। जिससे बच्ची को चोटें आई। मैं…., प्रशासन, बालक नै तौ देख लें पुत्रवधू से छीनकर जब उदय सिंह पोती को लेकर जेसीबी की तरफ दौड़ा तो मौके पर मौजूद लोगों ने जोर से आवाज लगाकर उसे रोकने का प्रयास किया। बच्ची की मां भी चिल्लाते हुए बेटी को बचाने के लिए उसके पीछे दौड़ी। इससे पहले ही उदय सिंह ने पोती को जेबीसी के सामने पटक दिया। बच्ची को पटकते समय वह खुद भी जमीन पर गिर गया। जिसके बाद बच्ची को वहीं छोड़कर उठकर चला गया। उसके पीछे-पीछे मौके पर पहुंची बच्ची को उसकी मां ने उठाया। 33 सेकंड का वीडियो आया सामने 33 सेकंड के इस वीडियो में आसपास में लोगों की आवाज आ रही है, जो कह रहे है कि- ओए-ओए…, पागल है के, हां मैं प्रशासन को…। पंचायत के नाम लाग्य जाती तो फेर। अरे वीडियो बना रखी है क्या, बना रखी है वीडियो, रोको न इसनै, मेडिकल करा मेडिकल करा, बालक ने देख लैं। जनवरी में दिलवाया था कब्जा जानकारी के अनुसार गांव के होली चौक पर पूर्व सरपंच रत्न सिंह और उसके परिवार का 40 साल से कब्जा है। पंचायत के हक में फैसला आने के बाद प्रशासन ने 12 जनवरी को जमीन का कब्जा पंचायत को दिलवाया था। पंचायत होली चौक पर बने माता मंदिर पर काम करवाना चाहती थी। जिसके लिए प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी से काम किया जा रहा था। बीडीपीओ ने झाड़ा पल्ला जब इस बारे में कार्यकारी बीडीपीओ संदीप शर्मा से संपर्क किया तो उन्होंने घटना की जानकारी होने से ही इंकार कर दिया। सवाल करने पर उन्होंने कहा कि वह खोल के बीडीपीओ हैं। एक सप्ताह पहले ही उन्हें डहीना का अतिरिक्त कार्यभार दिया था। वह ठीक से वहां का काम नहीं देख पाया और अब दूसरे बीडीपीओ के आदेश हो चुके हैं। जांच कर रही पुलिस डहीना चौकी प्रभारी रजनीश ने कहा सरपंच प्रतिनिधि की शिकायत मिली थी। अभी हमें बच्ची की एमएलसी रिपोर्ट नहीं मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और एमएलसी रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हर साल होली पर ड्रॉमा गांव के सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह ने कहा कि हमने घटना की शिकायत पुलिस से की थी। उदय सिंह पिछले करीब 20 साल से होली के आसपास ड्रॉमा करता आ रहा है। पिछले साल भी 15-20 लोगों पर केस दर्ज करवाया था। परिवार ने होली चौक और मुख्य रास्ते दोनों तरफ कब्जा किया हुआ था। पूरा गांव होली चौक पर ही होली पर्व मनाता है। पिछले साल भी उदय सिंह ने ग्रामीणों द्वारा होली से पहले गाड़ा गया डांडा उखाड़ दिया था। विरोध करने वालों पर झूठे केस दर्ज करवा देता है। पूर्व सरपंच अब तक कोर्ट के चक्कर काट रहा है।
रेवाड़ी में दादा ने JCB के सामने फेंकी पोती, VIDEO:पंचायती जमीन से कब्जा हटाने का विरोध, बच्ची को बचाने के लिए दौड़ी मां
