राज्यपाल बोले- मध्यप्रदेश बना स्पोर्ट्स का पावर हाउस:मंत्री सारंग ने कहा- खेलों में नंबर-1 बनाना लक्ष्य; एमपी यूथ गेम्स में 87 गोल्ड के साथ इंदौर बना चैंपियन

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भोपाल में शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में खेलो एमपी यूथ गेम्स-2026 का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश स्पोर्ट्स का पावर हाउस बन चुका है। पिछले कुछ दिनों से मैदानों पर बने माहौल ने भोपाल सहित पूरे प्रदेश को खेलों के रंग में रंग दिया है। एक समय मध्य प्रदेश को खेलों के मामले में शांत राज्य माना जाता था, लेकिन आज प्रदेश देश का स्पोर्ट्स पावर हाउस बन गया है। प्रदेश की बेटियां आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर रिकॉर्ड बना रही हैं और देश का नाम रोशन कर रही हैं। वहीं, खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि एमपी को खेलों में नंबर-1 बनाना हमारा लक्ष्य है। खेल अकादमियों के सशक्त संचालन, रेजिडेंशियल अकादमी मॉडल और योग्य कोचों की उपलब्धता से खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। बता दें, खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ 13 जनवरी से किया गया था। 28 खेलों में ब्लॉक, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। जिसमें इंदौर के खिलाड़ियों ने 87 गोल्ड, 47 रजत और 40 ब्रांज अपने नाम किए हैं। खेल पूरे शरीर और मन को देता है ऊर्जा राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि खेल ऐसा माध्यम है, जो पूरे शरीर को व्यायाम देता है और मन को उत्साह से भर देता है। खिलाड़ी जब मैदान में उतरता है तो उसके भीतर जीत का संकल्प होता है। हार की स्थिति में भी निराश होने के बजाय दोबारा प्रयास करने की प्रेरणा खेल से ही मिलती है। यही खेल की असली भावना है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। जैसे पढ़ाई में रोज अभ्यास जरूरी है, वैसे ही खेल में भी नियमित प्रैक्टिस जरूरी है। मध्य प्रदेश की खेल अकादमियों से निकले खिलाड़ी आज केवल भोपाल या इंदौर का नहीं, बल्कि देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन कर रहे हैं। शूटिंग, वाटर स्पोर्ट्स और घुड़सवारी जैसी अकादमियों में विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदेश के युवाओं को उपलब्ध हैं। खेल हमें यह भी सिखाता है कि मैदान पर कोई जाति, धर्म या ऊंच-नीच नहीं होती। वहां केवल खिलाड़ी होता है और उसकी मेहनत होती है। खेल सामाजिक समरसता और एकता का सशक्त माध्यम है। गांव-गलियों से प्रतिभाओं को मंच देने का प्रयास सराहनीय राज्यपाल ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स के माध्यम से गांव और गलियों से छिपी प्रतिभाओं को खोजकर राष्ट्रीय मंच पर लाने का सरकार का प्रयास प्रशंसनीय है। प्रतियोगिता का समापन एक नए संकल्प और नई शुरुआत का संदेश देता है। खेलो एमपी यूथ गेम्स ने प्रदेश के युवाओं को न केवल मंच दिया, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने और बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा भी दी है। एक लाख से ज्यादा युवा जुड़े, 13 हजार ने खेली प्रतियोगिता खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सरकार ने यह लक्ष्य तय किया है कि खेल अधोसंरचना के मामले में मध्य प्रदेश देश में नंबर वन बने। आने वाले समय में प्रदेश संभवतः पहला राज्य होगा, जहां हर विधानसभा स्तर पर कम से कम एक खेल अधोसंरचना का निर्माण किया जाएगा। खेल, खिलाड़ी और खेल का मैदान सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं। केवल अधोसंरचना पर्याप्त नहीं होती, जब तक खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का मंच न मिले। इसी सोच के तहत खेलो एमपी यूथ गेम्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के स्वरूप में आयोजित किया गया। आयोजन की शुरुआत जिस उद्देश्य के साथ की गई थी, वह पूरी तरह साकार हुआ। इससे पूरे प्रदेश में करीब एक लाख युवा जुड़े हैं। सभी 313 ब्लॉकों, जिलों और संभागों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। राज्य स्तरीय मुकाबलों में लगभग 13 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रदेश के लगभग हर संभागीय मुख्यालय में खेलो एमपी यूथ गेम्स की गतिविधियां आयोजित की गईं। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने 700 से अधिक स्वर्ण, 723 रजत और करीब 895 कांस्य पदक जीते हैं। इन खेलों में इनका रहा दबदबा लोअर लेक में कयाकिंग-कैनोइंग ने बढ़ाया रोमांच लोअर लेक, भोपाल में आयोजित कयाकिंग और कैनोइंग स्पर्धाओं में बालक और बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने जल पर संतुलन, गति और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया। दर्शकों ने इन मुकाबलों में खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। C1 गर्ल्स 200 मीटर में प्रगति शर्मा स्वर्ण विजेता C1 गर्ल्स 200 मीटर फाइनल में भोपाल की प्रगति शर्मा ने 50.476 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता। टीकमगढ़ की माही शाऊ को रजत और हरदा की वेदिका बिश्नोई को कांस्य पदक मिला। C2 गर्ल्स 500 मीटर में दिव्यानी दुगर का दबदबा C2 गर्ल्स 500 मीटर फाइनल में भोपाल की दिव्यानी दुगर ने 2:18.388 मिनट में दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक हासिल किया। टीकमगढ़ की कानुप्रिया राजपूत, रजत और सागर की अनाया फैज कांस्य पदक विजेता रहीं। K4 गर्ल्स टीम स्पर्धा में भोपाल अव्वल K4 गर्ल्स 500 मीटर टीम स्पर्धा में भोपाल की रुखमणि डांगी, मानवी जाट, ऋषिका वर्मा और नीलू वर्मा की टीम ने स्वर्ण पदक जीता। टीकमगढ़ को रजत और हरदा को कांस्य पदक मिला। K4 बॉयज 500 मीटर में भी भोपाल की जीत बालक वर्ग की K4 500 मीटर स्पर्धा में भोपाल के के. संतोष सिंह, अभिषेक आर्य, फैरेंबम याइफबा सिंह और राजकुमार कुशवाह की टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। टीकमगढ़ रजत और उज्जैन कांस्य पदक पर रहा। टीटी नगर स्टेडियम में बॉक्सिंग का जोरदार मुकाबला टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं में युवा मुक्केबाजों ने तकनीकी कौशल और दमदार पंच के साथ उच्च स्तरीय मुकाबले दिखाए। बालक वर्ग में कई भार वर्गों में स्वर्ण पदक बालक वर्ग में 44–46 किग्रा में आर्यन शर्मा, 46–48 किग्रा में अमृत गुप्ता, 48–50 किग्रा में खुशदीप बिश्नोई, 50–52 किग्रा में अभिषेक बघेल, 57–60 किग्रा में प्रियांश कीर और 75–80 किग्रा में प्रज्वल पुरोहित ने स्वर्ण पदक जीते। बालिका वर्ग में भी प्रदेश की मुक्केबाजों की चमक बालिका वर्ग में स्नेहा वर्मा, प्रियंशी सेंगर, आशिता रावत, ऋद्धि पांडेय, वरिधि दुबे, दीति सोनी और नव्या थापा ने स्वर्ण पदक हासिल किए। लक्ष्मी राठौर और वंशिका खड़का को रजत तथा प्रियंशी नायडू को कांस्य पदक मिला। अंडर-19 क्रिकेट में भोपाल डिवीजन चैंपियन अंडर-19 बॉयस क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में भोपाल डिवीजन ने ग्वालियर को 159 रन से हराकर चैंपियनशिप ट्रॉफी और 31 हजार रुपए की इनामी राशि जीती। ग्वालियर रनरअप रहा, जबकि सागर डिवीजन की टीम तीसरे स्थान पर रही।