राजस्थान सरकार डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर के जीवन से जुड़े पंचतीर्थों की नि:शुल्क यात्रा कराएगी

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मुख्यमंत्री शर्मा का मानना है डॉ. अम्बेडकर के जीवन संघर्ष और उनका संविधान निर्माण में अतुलनीय योगदान समाज के लिए प्रेरणापुंज है। अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक और आत्मिक उत्थान की दिशा में बाबा साहब के विचार अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार की इस योजना से अनुसूचित जाति के यात्री बाबा साहब से जुड़े पांच स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। ये पंचतीर्थ सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय के सिद्धांतों की त्रिवेणी है, जो भारतीय जनमानस का मूल तत्व है।

इस योजना के अंतर्गत बाबा साहब की जन्मभूमि-महू (मध्यप्रदेश), दीक्षा भूमि-नागपुर (महाराष्ट्र), महापरिनिर्वाण भूमि-दिल्ली/अलीपुर, चैत्य भूमि-मुंबई, इंदू मिल-मुंबई (वर्तमान में स्मारक के रूप में विकसित) की यात्रा करायी जाएगी। इन सभी स्थलों तक यात्रियों को रेल मार्ग से पहुंचाया जाएगा। यात्रा, आवास और भोजन का सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा ही वहन किया जाएगा।

योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाला व्यक्ति राजस्थान का मूल निवासी एवं अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित होना चाहिए। आवेदक आयकर दाता नहीं होना चाहिए तथा उसके पास जनआधार कार्ड अनिवार्य रूप से होना चाहिए। साथ ही, आवेदक किसी संक्रामक रोग (जैसे कोविड, टीबी) से ग्रसित नहीं होना चाहिए। आवेदन के साथ चिकित्सीय प्रमाण पत्र अनिवार्य है। यात्रा के लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किए जा सकते हैं।

योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की जांच जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी। यदि आवेदन संख्या अधिक होती है तो यात्रियों का चयन कंप्यूटराइज्ड लॉटरी या अन्य पारदर्शी माध्यम से किया जाएगा। चयन सूची और प्रतीक्षा सूची विभागीय वेबसाइट व सूचना पोर्टल पर जारी की जाएगी।