हरियाणा के पानीपत में गोलगप्पा बेचने वाले की हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में पुलिस नाबालिग अश्वनी (17) की हत्या को पुरानी रंजिश से जोड़ रही थी, लेकिन अब सामने आया है कि महज 10 रुपए के मामूली विवाद के चलते उसे जान ली गई। जांच में सामने आया कि आरोपी शाम में अश्वनी की रेहड़ी से गोलगप्पे खाने आए थे। सभी ने गोलगप्पे खाने के बाद उसके पूरे पैसे नहीं दिए। जब उसने 10 रुपए मांगे तो वो भड़क गए। आरोपी बहसने लगे। इसके थोड़ी देर बाद वो फिर आए और अश्वनी पर चाकुओं से 5 वार कर हत्या कर दी। पानीपत पुलिस की सीआईए यूनिट ने हत्या की पूरी गुत्थी सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… अश्विनी तड़पता रहा, वीडियो बनाते रहे लोग पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और मृतक अश्विनी का शव परिजनों को सौंप दिया। अश्विनी के जीजा नंदकिशोर ने बताया कि उसके साले की जान बच सकती थी, अगर उसे समय रहते इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया जाता, लेकिन उन्हें मिली 12 सेकेंड की वीडियो के अनुसार राहगीर अश्विनी को अस्पताल पहुंचाने की बजाय उसकी वीडियो बनाते रहे।
₹10 के लिए गोलगप्पा बेचने वाले की हत्या:पानीपत में 5 हमलावरों ने घेरा, पेट-छाती पर चाकुओं से वार; ₹50 की जगह ₹60 मांगे थे
