मथुरा में 5 लड़कियां महिला आश्रय सदन से भाग निकलीं। दिन चुना 26 जनवरी, जब पूरा स्टाफ गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम से थक चुका था। रात में 10 बजे लड़कियां सदन की छत पर पहुंचीं। यहां से दुपट्टे और कंबल की रस्सी बनाकर 35 फीट ऊंची दीवार से नीचे उतर गईं। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर दिल्ली, आगरा, अलीगढ़, महावन लोकेशन से 4 लड़कियों को पकड़कर वापस आश्रम सदन में पहुंचा दिया। वहीं, नोहझील की रहने वाली एक लड़की 28 जनवरी को अपने घर से बरामद की गई। पूछताछ में सामने आया कि दिल्ली, आगरा की 2 लड़कियां अपने बॉयफ्रेंड से मिलने के लिए भागी थीं। इन लड़कों पर उनसे रेप करने की FIR दर्ज करवाई गई थी। जबकि, 3 लड़कियां अपने परिवार से परेशान थी। इसलिए दोनों लड़कियों की मदद करते हुए भाग निकलीं। आगरा वाली लड़की ने जब अपने बॉयफ्रेंड को कॉल की, तो उसने घबराकर वकील के जरिए पुलिस को अपनी गर्लफ्रेंड की लोकेशन भेज दी। ये लड़कियां भागने से लेकर वापस कैसे आश्रय सदन तक पहुंची? ये जानने के लिए दैनिक भास्कर चैतन्य विहार के महिला आश्रय सदन पहुंचा। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट… बॉयफ्रेंड से मिलने के लिए भागी 2 लड़कियों की कहानी बॉयफ्रेंड पर रेप की FIR, बरामद हुईं तो जान को खतरा जताया
चैतन्य विहार वृंदावन के पॉश इलाकों में शामिल है। यहां फ्लाईओवर के पास महिला आश्रय सदन बना हुआ है। इसकी पूरी व्यवस्थाएं महिला एवं बाल कल्याण विभाग संभालता है। 8 महीने पहले इसी कैंपस में बालिका संरक्षण गृह भी शिफ्ट कर दिया गया। इसमें पॉक्सो एक्ट की पीड़िताएं, घर से गायब हुई लड़कियों को मिलने के बाद रखा जाता है। अधिकारियों से बातचीत के बाद सामने आया कि इस वक्त मथुरा, वृंदावन और आसपास के जिलों की 93 लड़कियां आश्रय सदन में रह रही थीं। सभी लड़कियों की उम्र 14 से 17 साल के बीच हैं। इसी आश्रय सदन में आगरा और दिल्ली की 2 लड़कियां भी मौजूद थीं। दोनों के परिवार ने उनके बॉयफ्रेंड के खिलाफ घर से भगाने और रेप का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि लड़के हमारी बच्चियों को गुमराह करके भगा ले गए। फिर उनके साथ रेप किया। दरअसल, इन लड़कियों का लव अफेयर था। लड़कियां घर छोड़कर अपने बॉयफ्रेंड के साथ भागी थीं। परिवार में पिता और भाइयों ने बॉयफ्रेंड को फंसाने के लिए उनके खिलाफ रेप की FIR दर्ज करवा दी थी। लड़कियों को जब पुलिस ने बरामद किया, तब उन्होंने अपने परिवार के साथ जाने से इनकार किया। चूंकि, वो नाबालिग थीं, उन्होंने अपनी जान का खतरा जताया था। इसलिए उन्हें आश्रय सदन में रखा गया। स्टाफ की मदद के बहाने चाबी चुराई
आगरा और दिल्ली की दोनों लड़कियों को मथुरा के आश्रय सदन लाया गया। लड़कियों की लव स्टोरी एक जैसी थी। दोनों एक ही कॉमन रूम में रहने लगी। इसी बीच उनकी जल्दी दोस्ती हो गई। दोनों ने एक-दूसरे को अपनी कहानी सुनाई। लड़कियों ने 20 जनवरी को प्लान किया कि हमें इस कैद से भागना होगा। उन्हें चिंता थी कि न जाने उनके बॉयफ्रेंड और उनके परिवार के लोग किस हाल में होंगे? वह उनसे मिलना चाहती थीं। लड़कियों ने पहले आश्रय सदन की पूरी बिल्डिंग के स्ट्रक्चर को समझा। उन्हें कोई कमजोर कड़ी नहीं मिली। दीवारें काफी ऊंची थीं। हर जगह CCTV लगे थे। लड़कियां समझ गईं कि छत पर जाने के बाद 35 फीट की ऊंचाई से बाहर कूदने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। लेकिन छत तक जाने के लिए जो सीढ़ियां थीं, उस गेट पर लॉक लगा रहता था। लड़कियों को ये समझ आ गया कि अगर भागना है, तो उन्हें इस लॉक की चाबी चाहिए होगी। उन्होंने पहले आश्रय सदन के स्टाफ के काम में हाथ बंटाने के बहाने सीढ़ियों के गेट की चाबी चोरी की। इसके बाद 1 दिन का इंतजार किया। लड़कियों का प्लान 3 और लड़कियों तक लीक हुआ
लड़कियों के भागने की प्लानिंग उनके साथ रहने वाली 3 और लड़कियों को पता चल गई। वो तीनों पॉक्सो एक्ट के अलग-अलग मामलों में आश्रय सदन लाई गईं थीं। इस तरह से 25 जनवरी तक भागने वाली लड़कियों की संख्या 5 तक पहुंच गई। सभी लड़कियों ने मिलकर प्लान किया कि 26 जनवरी का दिन भागने के लिए सबसे अच्छा रहेगा। क्योंकि, गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में दिनभर अधिकारी और कर्मचारी बिजी रहेंगे। रात 10 बजे जब सभी लोग खाना खाकर सोने चले गए। तब लड़कियां अपने-अपने कमरे से बाहर आईं। सीढ़ियों का लॉक खोलने के बाद वे सदन की छत पर पहुंचीं। सभी अपने साथ दुपट्टे और कंबल लेकर आई थीं। उन्होंने छत पर बैठकर इनको आपस में बांधकर एक रस्सी जैसी तैयार की। फिर उसे पानी की टंकी के पाइप से बांधकर धीरे-धीरे नीचे उतरने लगीं। हालांकि, रस्सी छोटी पड़ने से पांचों को 15 फीट ऊंचाई से नीचे कूदना पड़ा। इस दौरान दिल्ली की लड़की के पैर में चोट लग गई। अब सदन से भागने के बाद की कहानी लॉन्ज से बॉयफ्रेंड को कॉल किया, 1 का बॉयफ्रेंड घबराया
आगरा और दिल्ली की लड़कियों ने पुलिस को बताया कि हम लोग खुद को संभालते हुए बचते बचाते एक लॉन्ज तक पहुंचे। यहां हमने चोट का बहाना किया। फिर एक व्यक्ति के मोबाइल से अपने-अपने बॉयफ्रेंड को कॉल की। उन्हें बताया कि हम मिलने के लिए आश्रय सदन से भाग चुके हैं। 3 लड़कियां भागकर घर गईं, वहीं से पकड़ी गईं बाकी 3 लड़कियां, जो मदद करने के बहाने आश्रय सदन से भागी थीं। वह भी अपने-अपने घरों में मिल गईं। इनमें एक लड़की की मां नहीं है, पिता जेल में हैं। जेल से पैरोल पर बाहर आने पर पिता ने अपनी बहन के देवर पर लड़की को भगाने का आरोप लगाया था। इसके बाद लड़की मिलने पर उसे आश्रय सदन में भेजा गया था। दूसरी लड़की का अपनी मौसी के लड़के से अफेयर हो गया। इस मामले में उस लड़की की मां और भाई विरोध कर रहे थे। जबकि, उसके भाई ने भी लव मैरिज की थी। इस मामले में जब लड़की बरामद हुई, तो मां ने थाने में कह दिया कि अब हमारा इससे कोई वास्ता नहीं, इसलिए उसे सदन भेजा गया था। लॉबी के CCTV में दिखीं, फिर नजर नहीं आईं लड़कियां 27 जनवरी की सुबह आश्रय सदन के स्टाफ को 5 लड़कियों के गायब होने का पता चला। सदन की अधीक्षिक गायत्री मिश्रा ने एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों और पुलिस को जानकारी दी। SSP श्लोक कुमार सदन पहुंचे। पुलिस ने CCTV देखे, लड़कियां लॉबी में लगे कैमरों में नजर आईं। लेकिन वे सभी जिस स्पॉट से भागीं थीं, वहां CCTV नहीं लगे थे। इसी वजह से शुरुआत में ढूंढने में दिक्कत आई। पुलिस लड़कियों को आश्रय सदन के आसपास के छोटे होटल और लॉन्ज में तलाशती रही। एक लॉन्ज से पता चला कि उस रात 2 लड़कियां वहां आई थीं। एक के पैर में चोट लगी हुई थी। उसने कहा था कि मुझे एक गाड़ी ने टक्कर मार दी। इसके बाद वह मंगलवार को सुबह 8 बजे वहां से निकल गई। ………………………. ये पढ़ें – अयोध्या जेल की दीवार तोड़कर 2 कैदी भागे:स्पेशल सेल में बंद थे, रातभर में 30 ईंट उखाड़ी; जेलर समेत 7 सस्पेंड अयोध्या जिला जेल से दो कैदी दीवार तोड़कर फरार हो गए। दोनों स्पेशल सेल में बंद थे। दोनों ने रातभर में सेल की पीछे की दीवार की 25-30 ईंटें उखाड़ीं। भागकर जेल की बाउंड्री वॉल तक गए। फिर कंबल और मफलर से रस्सी बनाकर 20 फीट ऊंची दीवार फांद गए। कैदियों के भागने की खबर लगते ही हड़कंप मच गया। आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। फरार कैदियों की पहचान गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज और शेर अली उर्फ रफीक अली के रूप में हुई है। गोलू अमेठी और रफीक सुलतानपुर का रहने वाला है। दोनों हत्या और रेप के आरोप में बंद थे। पढ़िए पूरी खबर…
लड़कियां बॉयफ्रेंड से मिलने ‘कैद’ से भागीं:मथुरा में दुपट्टे की रस्सी बनाई, सीसीटीवी से छिपकर 35 फीट की दीवार फांदी
