पानीपत जिला कोर्ट ने करीब 4 साल पहले हुई एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस को हत्या की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। मामला गांव चमराड़ा का है, जहां एक युवक की मौत को शुरुआत में ‘सड़क हादसा’ बताकर फाइल बंद कर दी गई थी। अब मृतक की मां की याचिका पर JMFC हिमानी गिल पानीपत की कोर्ट ने पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने मृतक की प्रेमिका और प्रेमिका के भाई के खिलाफ हत्या व शव को खुर्द-बुर्द करने का केस दर्ज कर लिया है। यहां जानिए पूरा मामला शिकायतकर्ता फूल मजीरा ने कोर्ट को बताया कि उसका 42 वर्षीय बड़ा बेटा शहजाद 28 दिसंबर 2022 को अपनी कार से घर से निकला था। आरोप है कि उसकी प्रेमिका रीना (निवासी चमराडा) और उसके भाई अलीहसन (निवासी गवालड़ा) ने उसे बार-बार फोन कर गांव गवालड़ा बुलाया था। शहजाद को आखिरी बार अलीहसन के घर के CCTV फुटेज में देखा गया था। अगले दिन मिली थी डेडबॉडी अगले दिन 29 दिसंबर को शहजाद का शव चमराड़ा के पास सड़क किनारे मिला। मौके पर अलीहसन और रीना का पति मांगता मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि शहजाद की मौत मोटरसाइकिल के पेड़ से टकराने (हादसे) के कारण हुई है। मां के गंभीर सवाल हत्या का मकसद, पैसा और रंजिश शिकायत के अनुसार, रीना ने शहजाद से 50 हजार रुपए उधार लिए थे और अलीहसन ने भी 18 हजार रुपए लिए थे। जब शहजाद ने अपने पैसे वापस मांगे और रीना के किसी अन्य व्यक्ति (देवेंद्र) के साथ संबंधों का विरोध किया, तो रीना ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते शहजाद की हत्या कर उसे हादसे का रूप दिया गया। कोर्ट का हस्तक्षेप और FIR लंबे समय तक पुलिस और उच्च अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद, जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने तथ्यों और ‘लास्ट सीन एविडेंस’ (आखिरी बार आरोपियों के साथ देखे जाने) के आधार पर थाना इसराना पुलिस को IPC की धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य मिटाना) के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया।
प्रेमिका ने बुलाया, फिर मिली लाश:पानीपत पुलिस जिसे बता रही थी एक्सीडेंट, वो निकला मर्डर; कोर्ट के आदेश पर 4 साल बाद FIR
