कानपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल के NICU के वॉर्मर मशीन में रविवार शाम आग लग गई। इससे उसमें भर्ती एक मासूम बच्ची जिंदा जल गई। बच्ची तड़पती रही, पूरा शरीर जलकर काला हो गया, उसकी चमड़ियां उधड़ गईं। चेहरा, छाती, पेट, जांघ बुरी तरह झुलस गया। लापरवाह स्टाफ बच्ची को बचा न सका। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मामला बिठूर के ब्रह्मनगर स्थित राजा नर्सिंग होम का है। नवजात बच्ची की बुआ ने बिठूर थाने में अस्पताल के खिलाफ तहरीर दी है। 5 घंटे तक हॉस्पिटल स्टाफ ने घटना छिपाए रखा
बाकरगंज निवासी अरुण निषाद प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। परिवार में पत्नी बिट्टू है। अरुण निषाद ने बताया- रविवार सुबह पत्नी को लेबर पेन हुआ। उन्हें राजा हॉस्पिटल लेकर आए। डॉक्टर ने ऑपरेशन करने की बात कही। दोपहर करीब 4 बजे ऑपरेशन के बाद बिट्टू ने बेटी को जन्म दिया। बिट्टू की ये पहली संतान थी। डॉक्टरों ने पत्नी को वार्ड में शिफ्ट कर दिया। बेटी को हॉस्पिटल के NICU में भर्ती करा दिया। देर शाम NICU के वॉर्मर मशीन यानी जिस पर बच्ची लेटी थी, उसमें आग लग गई। बच्ची की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। चार-पांच घंटे तक हॉस्पिटल स्टाफ ने इस घटना हो छिपाए रखा। पिता बोले- हॉस्पिटल बंद हो, पूरे स्टाफ पर कार्रवाई हो
पिता अरुण निषाद ने कहा- जब हम बच्ची को दिखाने के लिए कहते तो स्टाफ भर्ती होने की बात कहता। देर शाम को हमने कई बार बोला कि बेटी को दिखाओ। जब हमने गुस्सा किया तो स्टाफ ने घटना के बारे में बताया। हॉस्पिटल स्टाफ की लापरवाही के कारण ये हादसा हुआ है। मेरी बेटी की मौत के जिम्मेदार हॉस्पिटल वाले हैं। हॉस्पिटल बंद होना चाहिए। पूरे स्टाफ पर कार्रवाई होनी चाहिए। हंगामा बढ़ने पर हम लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। मामला दबाने के लिए 2 लाख का हॉस्पिटल ने लालच दिया
परिजनों ने बच्ची की मौत के बाद हंगामा किया। इस पर हॉस्पिटल मैनेजमेंट उन्हें मनाने लगा। परिजनों का कहना है कि मैनेजमेंट ने मामला रफा-दफा करने के लिए 2 लाख रुपए का लालच दिया। लापरवाही की भेंट चढ़ी इस मासूम की कीमत सुन परिवार वाले और भड़क गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया। मां बोली- बच्चे को जिंदा न देख सकी
बच्ची की दादी प्रेमा ने कहा- मैं बिटिया को देखने के लिए परेशान थीं। खुशी थी कि मेरे घर लक्ष्मी आई है। मगर, वह लापरवाही की भेंट चढ़ चुकी थीं। जिसे धरती का भगवान कहा जाता है, उसके सिस्टम और स्टाफ ने बच्ची की जान ले ली। मां अपनी बच्ची को जिंदा सीने से भी न लगा सकी। हिम्मत नहीं हो रही कि उसे कैसे बताऊं कि बेटी जिंदा जल गई। ACMO बोले- जांच टीम 24 घंटे में जवाब देगी
ACMO रमित रस्तोगी ने कहा- घटना की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम गठित की गई है। 24 घंटे के अंदर टीम से जवाब मांगा गया है। हॉस्पिटल का पंजीकरण है, ऐसी घटना किस वजह से हुई इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। बिठूर थाना प्रभारी अशोक सरोज ने बताया- परिवार वालों से बात की जा रही है। NICU में नवजात बच्ची भर्ती थी। NICU में आग लगने से बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई। इससे उसकी मौत हो गई। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। ———————— ये खबर भी पढ़िए- कारोबारी के बेटे ने लेम्बोर्गिनी से 6 को उड़ाया: कानपुर में बुलेट सवार 10 फीट दूर गिरा, थाने में बाउंसरों ने घायलों से बद्तमीजी की कानपुर में तंबाकू कारोबारी के बेटे ने लेम्बोर्गिनी कार से 6 से अधिक लोगों को टक्कर मार दी। एक बुलेट सवार को टक्कर मारी तो वह हवा में उछलकर 10 फीट दूर जा गिरा। इसके बाद लेम्बोर्गिनी बुलेट के ऊपर ही चढ़ गई। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने कार को घेर लिया। भीड़ को देखकर कारोबारी का बेटा कार के अंदर ही दुबक गया। उसके बाउंसरों ने लोगों के साथ हंगामा किया। धक्का देकर लोगों को भगाने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंची और कार को थाने ले आई। पढ़ें पूरी खबर…
कानपुर में NICU में बच्ची की जिंदा जलकर मौत:चेहरा-पेट जलकर काला हुआ, चमड़ियां उधड़ी; वॉर्मर मशीन में आग लगी, अस्पताल में हंगामा
