ऋषिकेश की पहचान आध्यात्मिक नगरी के रूप में रही है, लेकिन इन दिनों इसकी पहचान तेजी से बदरंग हो रही है. लोकल 18 के साथ बातचीत में दिल्ली से आए रोहन कहते हैं कि शहर में मौज मस्ती के लिए पहले से ही कई विकल्प हैं. ऐसे में त्रिवेणी घाट को केवल श्रद्धा और महाआरती के लिए ही सुरक्षित रखा जाना चाहिए. घाट का वातावरण पहले ऐसा था कि कुछ पल बैठकर ही मन को सुकून मिल जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं. ये तस्वीर धीरे-धीरे बदलती नजर आ रही है.
गंगा आरती कम, मस्ती ज्यादा…क्या ऋषिकेश का त्रिवेणी घाट खो रहा है अपनी पवित्रता, जानें
