पानीपत नेत्ररोग अधिकारी जयदीप राठी हत्याकांड की पूरी कहानी:जेडी फार्महाउस प्रॉपर्टी से उपजा विवाद, साजिश, अपहरण और हत्या के बाद कुरुक्षेत्र भाखड़ा में फेंके अवशेष

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हरियाणा के पानीपत जिले में सरकारी अस्पताल के नेत्ररोग अधिकारी जयदीप राठी की हत्या का मामला एक प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा हुआ है। जयदीप राठी, इनेलो जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी के भाई थे। 27 दिसंबर को अपहरण के बाद उनको मार दिया गया। अब पुलिस जांच में पता चला कि यह साजिश जमीन पर कब्जा हासिल करने के लिए रची गई थी। इस मामले में अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि एक फरार है। उधर, शव के अवशेष की तलाश के लिए नरवाना ब्रांच नहर में ऑपरेशन जारी है। आज शुक्रवार को फिर से सर्च ऑपरेशन चलेगा। प्रॉपर्टी पर कब्जे काे लेकर विवाद यह मामला जेडी फार्महाउस प्रॉपर्टी से जुड़ा है, जिसमें 2 हिस्से हैं। पहला हिस्सा 1300 वर्ग गज का है, जिसकी रजिस्ट्री जयदीप राठी के नाम पर थी। दूसरे हिस्से के लिए संतोष सैनी ने जयदीप के नाम पर रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया था। इस एग्रीमेंट के तहत ढाई करोड़ रुपए की पेमेंट हो चुकी थी, जबकि 40-45 लाख रुपए बाकी थे। किसी और के नाम करवाई रजिस्ट्री संतोष सैनी ने इस हिस्से की रजिस्ट्री प्रीतम और विनोद के नाम करा दी। इनेलो जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी के मुताबिक, इस धोखाधड़ी के खिलाफ उन्होंने कोर्ट में केस दायर किया और स्टे ऑर्डर प्राप्त कर लिया। लेकिन विवाद नहीं थमा। जयदीप को हटाने की बनाई योजना तब रविंद्र उर्फ रवि राठी, सुनील शर्मा और हरेंद्र राठी ने इस प्रॉपर्टी पर कब्जा करने के लिए जयदीप राठी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, साजिश की शुरुआत पानीपत के स्काईलार्क में हुई मीटिंग से हुई। यहां रविंद्र राठी, सुनील शर्मा और हरेंद्र राठी ने प्रीतम के साथ मिलकर यमुनानगर के जसवंत उर्फ जस्सी और जलजीत उर्फ भोला से संपर्क किया। अपहरण कर कब्जा छुड़वाने की कोशिश इस मीटिंग में जयदीप राठी का अपहरण कर प्रॉपर्टी से कब्जा छुड़वाने की योजना तैयार की गई। इस काम के लिए आरोपियों ने जसवंत के बैंक खाते में 3 किस्तों में पहले 4 लाख, फिर 6 लाख और आखिर में 50 लाख रुपए यानी 60 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। पुलिस इस लेन-देन की जांच कर रही है। जसवंत ने गुरदर्शन को साथ मिलाया योजना को अंजाम देने के लिए आरोपी जसवंत ने अम्बाला के गुरदर्शन के साथ मिलाया और योजना को अंजाम देने की तैयारी की। पहले स्टेप पर प्रीतम ने जयदीप से प्लॉट सौदे के बहाने दोस्ती बढ़ाई, जबकि जसवंत ने उनका विश्वास हासिल किया। इस तरह साजिश को धीरे-धीरे अमल में लाया गया। 27 दिसंबर को अपहरण किया 27 दिसंबर की रात जीरकपुर के कोहिनूर ढाबे पर जयदीप राठी को प्लॉट डील के बहाने बुलाया गया। जयदीप अपनी ग्रैंड विटारा कार से पहुंचे। वहां जसवंत ने उन्हें अपनी BMW कार में ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठाया। जसवंत खुद कार चला रहा था, जबकि जलजीत उर्फ भोला और गुरदर्शन पिछली सीट पर बैठे थे। भोला ने गर्दन में गोली मारी वे पंचकुला से बरवाला सड़क की ओर ले गए। रास्ते में जयदीप से प्रॉपर्टी का कब्जा छोड़ने की बात की गई, लेकिन जयदीप ने इसका विरोध किया और गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद जसवंत ने जयदीप के हाथ पकड़े और पीछे से भोला ने देसी पिस्टल से उनकी गर्दन में गोली मार दी। जयदीप ने कार में ही दम तोड़ दिया। यमुनानगर में जलाया शव हत्या के बाद आरोपी ने शव को यमुनानगर में एक पशु बाड़े में ले गए। यहां करीब 15 क्विंटल लकड़ियों पर रखा और 10 लीटर तेल छिड़ककर आग लगा दी। शव पूरी तरह जल गया। फिर राख और अस्थियों को एक कट्टे में भरकर कुरुक्षेत्र के डल्ला माजरा गांव के पास नरवाना ब्रांच नहर (भाखड़ा) में फेंक दिया। फुटेज से खुला हत्या का राज हत्या के बाद आरोपी कोहिनूर ढाबे लौटे और जयदीप की ग्रैंड विटारा कार को टोल के पास छोड़ दिया। ढाबे की सीसीटीवी फुटेज में यह सब कैद हो गया। फुटेज के मुताबिक, रात 1 बजकर 4 मिनट पर BMW कार आई, एक युवक (लाल रंग की लोवर पहने, संभावित रूप से भोला) उतरा और कार स्टार्ट करने की कोशिश की। पुलिस ने फुटेज को जब्त किया डेढ़ मिनट बाद दूसरा युवक (संभावित रूप से जस्सी) आया, कार स्टार्ट की और भोला उसे ले गया। पुलिस ने इस फुटेज को जब्त कर लिया है, हालांकि आरोपियों की पहचान की पुष्टि नहीं हुई है। उधर, जयदीप राठी के बेटे की शिकायत पर 27 दिसंबर को ही अपहरण का केस दर्ज किया गया। जसवंत को गिरफ्तार किया पुलिस ने जसवंत उर्फ जस्सी को गिरफ्तार कर 8 दिन के रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पूछताछ में साजिश, पैसे के लेन-देन, अपहरण और हत्या की परत खुल गई। जस्सी ने कबूल किया कि हत्या के बाद शव के अवशेष को नहर में फेंक दिया, ताकि कोई सबूत ही ना मिल सके। 3 दिन नहर में चला सर्च ऑपरेशन सीआईए-1 इंचार्ज फूल कुमार और सीआईए-2 इंचार्ज इंस्पेक्टर सुमित सरोहा की टीमों ने NDRF, SDRF और FSL टीम के साथ नरवाना ब्रांच नहर में सर्च अभियान चलाया। कल गुरुवार को टीम ने गोताखोर प्रगट सिंह के साथ जसवंत की बताई जगह पर नहर के अंदर सर्च ऑपरेशन चलाया। जसवंत से सीन रीक्रिएट करवाया घटना की एक-एक कड़ी को जोड़ने के लिए पुलिस ने जसवंत के साथ कोहिनूर ढाबे से बरवाला तक का रूट रीक्रिएट भी किया। इसके अलावा, जेडी फार्महाउस के चौकीदार मुकेश ने बताया कि जयदीप के लापता होने के बाद 2 व्यक्ति वहां आए और कहा कि यह जगह हमारी है, कल हम यहां हवन करेंगे। पुलिस ने उनकी फुटेज भी जब्त की है। मुठभेड़ और गिरफ्तारियां रविवार यानी 4 जनवरी देर रात 11:30 बजे रिफाइनरी रोड पर पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। जस्सी से मिले इनपुट पर पुलिस गुरदर्शन को पकड़ने पहुंची। यहां आरोपियों ने पुलिस पर 2 राउंड फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने 3 राउंड गोली चलाई। एक गोली गुरदर्शन के पैर में लगी, और उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। भोला हुआ मौके से फरार पुलिस ने उसके कब्जे से एक देसी पिस्टल बरामद की। गुरदर्शन को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती किया गया। हालांकि, उसका साथी जलजीत उर्फ भोला भाग निकला। पुलिस अब भोला की तलाश में आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है। अब तक 6 आरोपी पकड़े गए सीआईए-1 इंचार्ज फूल कुमार ने बताया कि मामले में अब तक 6 आरोपी हरेंद्र राठी, रविंद्र उर्फ रवि राठी, सुनील शर्मा, प्रीतम, जसवंत उर्फ जस्सी और गुरदर्शन को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ से और खुलासे होने की संभावना है।