गुरुग्राम में डूंडाहेड़ा इलाके की स्कूल वाली गली में देर रात एक मकान की छत गिर गई। रात के समय अचानक भरभराकर छत गिरने से दो व्यक्ति अंदर दब गए। हादसे में बिहार के औरंगाबाद जिले के सतीश माल्या की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी और मकान के बाहर से बाइक पर निकल रहे पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के वक्त सतीश माल्या बेड पर लेटा हुआ था, जबकि उसका दोस्त खाना बना रहा था। इसी दौरान अचानक से छत गिर गई। सूचना मिलते ही पुलिस, सिविल डिफेंस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंची। रेस्क्यू अभियान में मशीनों और हाथों से मलबा हटाकर सतीश माल्या का शव बाहर निकाला गया। तीन लोग जख्मी, एक झुलसा घायलों में से एक व्यक्ति उस वक्त कमरे में खाना बना रहा था, जिसके कारण उसके चेहरे पर खौलता हुआ तेल गिर गया और वह बुरी तरह झुलस गया। तीनों घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से एक की हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। ठेकेदार को कई बार दी चेतावनी मृतक सतीश माल्या के भाई ने आरोप लगाया कि मकान मालिक और देखरेख करने वाले ठेकेदार को छत की कमजोरी के बारे में कई बार चेतावनी दी गई थी। उन्होंने कहा, “हमने बार-बार बताया कि छत पुरानी और कमजोर हो चुकी है, मरम्मत की जरूरत है, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। बारिश में पानी भी टपकता है। लापरवाही के कारण ही यह हादसा हुआ और हमारा भाई हमसे छिन गया। मामले की जांच में जुटी पुलिस परिवार ने मकान मालिक के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि मकान काफी पुराना था और उसकी छत में दरारें आ चुकी थी। मौसम आौर संरचनात्मक कमजोरी के कारण यह ढह गई। प्रशासन ने आसपास के मकानों की जांच का आदेश दिया है, ताकि इसी तरह की कोई और घटना न हो।
गुरुग्राम में मकान की छत गिरने से चार लोग दबे:एक की मौत, तीन की हालत गंभीर, रेस्क्यू कर शव बाहर निकाला
