कैथल में पूर्व विधायक के बेटे ने किया सरेंडर:गैंगस्टर मोनू राणा द्वारा जहरीली शराब नेटवर्क चलाने का मामला, सहयोग करने का आरोप

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कैथल जिले से गुहला के पूर्व विधायक दिल्लू राम बाजीगर के बेटे एवं कुरुक्षेत्र जेल के पूर्व अधीक्षक सोमनाथ जगत ने कुरुक्षेत्र में कोर्ट में समर्पण कर दिया। उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने जेल अधीक्षक रहते हुए नियमों का उल्लंघन करते हुए जेल में गैंगस्टरों को मोबाइल के इस्तेमाल की छूट दी। इनमें से एक गैंगस्टर शमशेर सिंह उर्फ मोनू राणा है, जो जेल में बंद रहते हुए नकली शराब बनाने की साजिश में शामिल था। इस साजिश के चलते बनी जहरीली शराब से 22 लोगों की जान चली गई थी। सोमनाथ पर 50 हजार रुपए का ईनाम भी घोषित किया गया। जेल से ही चल रहा था नेटवर्क बता दें कि नवंबर 2023 में जहरीली शराब के सेवन से अंबाला और यमुनानगर में 22 लोगों की मौत हुई थी। उस समय सोमनाथ जेल अधीक्षक थे। जेल में बंद गैंगस्टर शमशेर सिंह उर्फ मोनू राणा द्वारा अपने साथियों के सहयोग से अंबाला में जहरीली शराब का नेटवर्क चलाया जा रहा था। जब मोनू को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की गई, तो पता चला कि वह जेल से ही नेटवर्क चला रहा था। इस दौरान यह भी पता चला कि इसमें मोनू का सहयोग जेल के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किया गया। उसके बाद से सोमनाथ मामले को लेकर पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। गांव में भी पहुंची टीम स्टेट क्राइम ब्रांच ने उसको पकड़ने के लिए गांव पोलड़ स्थित डेरा दिल्लू राम उनके घर पर दबिश भी दी। मई 2025 में चार गाड़ियों में आए करीब 2 दर्जन पुलिसकर्मियों ने घर की तलाशी ली, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आया। सोमनाथ जगत पर गंभीर आरोपों के चलते 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। सोमनाथ जगत ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। पूर्व विधायक के बेटे सोमनाथ जगत पूर्व विधायक और संसदीय सचिव रह चुके दिल्लू राम बाजीगर के पुत्र हैं। दिल्लू राम गुहला हलके से तीन बार विधायक रह चुके हैं और 9 चुनावों में भाग ले चुके हैं। सोमनाथ भी नौकरी से पहले पिता के साथ राजनीति में सक्रिय थे। नौकरी लगने के बाद वे राजनीति से दूर हो गए थे। सीवन थाना के जांच अधिकारी पारस कुमार ने बताया कि सोमनाथ द्वारा सरेंडर करने की सूचना उनके पास आई है। पहले भी जब टीमें उनके घर पर दबिश देने के लिए आई थी तो सीवन पुलिस की ओर से उनका सहयोग किया गया, लेकिन उस समय वह घर पर नहीं मिला था।